कफ सिरप बिक्री पर सरकार सख्त, बिना डॉक्टर पर्ची नहीं मिलेगा सिरप

दवा सुरक्षा और बच्चों की मौत के मामलों के बाद बड़ा नियम बदलाव
नई दिल्ली। देश में कफ सिरप की बिक्री और उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। हाल ही में दवाओं में मिलावट और बच्चों की मौत से जुड़े मामलों के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नए नियम लागू करने की अधिसूचना जारी की है।
अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगा कफ सिरप
नए नियमों के तहत अब किसी भी प्रकार का कफ सिरप बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं खरीदा जा सकेगा। मेडिकल स्टोर्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना पर्चे के खांसी-जुकाम की सिरप बिक्री न करें।
इस नियम के लागू होने के बाद दवा विक्रेताओं को डॉक्टर की पर्ची दिखाए बिना सिरप देना गैरकानूनी होगा।
ड्रग्स नियमों में बड़ा बदलाव
स्वास्थ्य मंत्रालय ने Schedule K से “Syrups” शब्द को हटाने का संशोधन किया है। यह बदलाव ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 के तहत किया गया है।
इसके तहत बिना पर्चे या लाइसेंस के सिरप बेचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, यहां तक कि दवा दुकानों का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर लिया गया फैसला
सरकार का कहना है कि यह कदम खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा और ओवर-द-काउंटर दवाओं से होने वाले दुष्प्रभावों को रोकने के लिए उठाया गया है।
हाल के महीनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से जुड़ी घटनाओं के बाद यह मुद्दा गंभीर हो गया था।
दवा कंपनियों और फैक्ट्रियों पर भी नजर
केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी दवा निर्माण इकाइयों की सख्त जांच की जाए। अगर किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
देशभर के अधिकारियों की बैठक
इस मामले पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक भी हुई, जिसमें देशभर के 200 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में साफ कहा गया कि दवा सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या होगा?
सरकार इस नए नियम की निगरानी करेगी और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जाएगी, ताकि दवा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।







