Mahapalli School Crisis : हेमसुन्दर गुप्त शासकीय विद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी से व्यवस्था प्रभावित, भवन भी बदहाल

रायगढ़। पूर्वांचल का पुरातन एवं आदर्श शिक्षण संस्थान हेमसुन्दर गुप्त शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महापल्ली इन दिनों कई समस्याओं से जूझ रहा है। विद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी के कारण अध्यापन व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं पुराना विद्यालय भवन भी देखरेख के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंचता जा रहा है।
माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी, प्रधान पाठक का पद रिक्त
विद्यालय में संचालित माध्यमिक विभाग में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। जानकारी के अनुसार 6वीं से 8वीं तक की कक्षाओं के लिए स्वीकृत शिक्षकीय पदों की तुलना में वर्तमान में केवल तीन शिक्षक ही पदस्थ हैं। वहीं माध्यमिक विद्यालय में प्रधान पाठक का पद भी रिक्त है, जिससे प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ रहा है।
हायर सेकेंडरी में प्यून, प्रयोगशाला सहायक और ग्रंथपाल के पद खाली
हायर सेकेंडरी स्कूल में भी कर्मचारियों की कमी से परेशानी बढ़ गई है। यहां प्यून के चार पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक कर्मचारी पदस्थ है। आरोप है कि पदस्थ प्यून को भी रायगढ़ कलेक्ट्रेट में अटैच कर दिया गया है, जिससे विद्यालय में नियमित सहायक कर्मचारी की कमी हो गई है।
इसके अलावा प्रयोगशाला सहायक के तीन स्वीकृत पदों में केवल एक कर्मचारी कार्यरत है, जबकि ग्रंथपाल और रात्रि चौकीदार के पद भी रिक्त बताए जा रहे हैं। विद्यालय में व्यवस्था चलाने के लिए माध्यमिक विभाग के कर्मचारी की मदद ली जा रही है।
420 से अधिक विद्यार्थियों का प्रवेश, बेहतर परिणाम से बनी पहचान
हायर सेकेंडरी विद्यालय में वर्तमान सत्र में 420 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कक्षा 12वीं में छात्र लोकनाथ मेहर ने टॉप-10 में छठा स्थान हासिल कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया था।
विद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि रिक्त पदों और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं का समाधान कर दिया जाए तो यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
पुराना विद्यालय भवन संरक्षण के अभाव में हो रहा जर्जर
महापल्ली का पुरातन विद्यालय भवन भी अब बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। बताया जाता है कि इस विद्यालय भवन के निर्माण में ग्रामीणों ने एक-एक मुट्ठी चावल एकत्रित कर सहयोग किया था, जिसके कारण यह भवन ग्रामीणों की आस्था और इतिहास से जुड़ा हुआ है।
वर्तमान में स्कूल का संचालन नए भवन में होने के कारण पुराने भवन की देखरेख नहीं हो पा रही है और यह धीरे-धीरे जर्जर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस धरोहर को संरक्षित करने की बात कही थी, लेकिन पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण संरक्षण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस ऐतिहासिक भवन को संरक्षित कर शिक्षा और क्षेत्र की विरासत से जुड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल की जाए।







