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रायगढ़ न्यायालय फैसला : नवापाली हत्याकांड में आरोपी हरिलाल खड़िया को आजीवन सश्रम कारावास, पीड़ित परिवार को ₹1 लाख क्षतिपूर्ति की अनुशंसा

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रायगढ़। थाना चक्रधरनगर क्षेत्र के ग्राम नवापाली में हुए चर्चित हत्याकांड में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रभावी पुलिस विवेचना और अभियोजन की मजबूत पैरवी के आधार पर षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश श्री अश्वनी कुमार चतुर्वेदी के न्यायालय ने 22 जुलाई 2026 को आरोपी हरिलाल खड़िया (30 वर्ष), निवासी मांझापारा बड़े अतरमुड़ा, थाना चक्रधरनगर को हत्या के मामले में दोषी करार दिया।

जमीन विवाद में कुल्हाड़ी से की थी युवक की हत्या
मामला जनवरी 2024 का है। 28 जनवरी को ग्राम नवापाली मेन रोड पर जमीन समतलीकरण के दौरान विशाल सिंह ठाकुर की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई थी। सूचना मिलने पर चक्रधरनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि जमीन पाटने को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी हरिलाल खड़िया ने कुल्हाड़ी से मृतक के सिर और गर्दन पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी थी।

साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने तैयार किया मजबूत प्रकरण
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मृतक की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, खून से सनी टोपी, चश्मा, चप्पल, रक्तरंजित मिट्टी सहित अन्य सामग्री जब्त की गई। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद किए गए। एफएसएल रिपोर्ट सहित वैज्ञानिक साक्ष्यों ने अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती दी।

अपर लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी से हुई दोषसिद्धि
मामले में अपर लोक अभियोजक श्री तन्मय बनर्जी ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की, जबकि विवेचना अधिकारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक जांच करते हुए मजबूत साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। न्यायालयीन विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान और महत्वपूर्ण दस्तावेजी एवं भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए।

न्यायालय ने सुनाई आजीवन सश्रम कारावास की सजा
सभी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी हरिलाल खड़िया पिता स्वर्गीय मनीराम खड़िया, उम्र 30 वर्ष, निवासी मांझापारा बड़े अतरमुड़ा मेडिकल कॉलेज रोड रायगढ़ को धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं नियमानुसार अर्थदंड से दंडित किया।

पीड़ित परिवार को मिलेगी क्षतिपूर्ति राशि
माननीय न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन की पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत मृतक के परिजनों को ₹1 लाख की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान किए जाने की अनुशंसा भी की है। रायगढ़ पुलिस ने कहा कि गंभीर अपराधों में साक्ष्य आधारित विवेचना और प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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