कानून व्यवस्था समीक्षा : रायगढ़ में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और यातायात सुधार पर प्रशासन का जोर

रायगढ़। जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने, सड़क सुरक्षा बेहतर करने तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
16 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुई समीक्षा
बैठक में कानून व्यवस्था से जुड़े 16 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को सभी विषयों पर समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अवैध अप्रवासियों की पहचान के निर्देश
बैठक में जिले में अवैध रूप से निवास कर रहे अथवा निवास की योजना बना रहे लोगों की पहचान और सतत निगरानी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले की कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से सत्यापन अभियान चलाकर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के लिए हेल्पलाइन जारी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा अवैध रूप से रह रहे लोगों एवं परिवारों की पहचान तथा आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 जारी की है। यह हेल्पलाइन 24 घंटे संचालित रहेगी।
उन्होंने बताया कि नागरिक संदिग्ध व्यक्तियों या गतिविधियों की जानकारी इस नंबर पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
रायगढ़ शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने पर चर्चा
बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए विशेष चर्चा हुई। नगर निगम आयुक्त ने उद्योगों की बसों के शहर के अंदर आने से बढ़ रहे यातायात दबाव का विषय रखा।
इस पर कलेक्टर ने नगर निगम, राजस्व विभाग, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को शहर के बाहरी क्षेत्रों में बस स्टॉप विकसित करने के लिए स्थल चयन करने के निर्देश दिए।
भारी वाहनों के लिए पार्किंग स्थल चयन के निर्देश
कलेक्टर ने घरघोड़ा बाईपास मार्ग, बंजारी मंदिर क्षेत्र, पूंजीपथरा मार्ग, तमनार, खरसिया के रानीसागर चौक और गिरवानी मार्ग सहित चिन्हित स्थानों पर भारी वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग स्थल चयन का कार्य 30 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पार्किंग व्यवस्था बनने से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी।







