दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 5 सतर्क कर्मचारियों को किया सम्मानित, सजगता से टले कई संभावित रेल हादसे

बिलासपुर। रेल परिचालन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे लगातार उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर रहा है। इसी क्रम में 28 जुलाई 2026 को आयोजित मासिक संरक्षा बैठक में रेल सुरक्षा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले पांच कर्मचारियों को प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी अनूप सतपथी ने सम्मानित किया।
सतर्कता से टला बड़ा हादसा
हरद स्टेशन पर कार्यरत यातायात सहायक दीपक कुमार सिंह ने 4 जून 2026 को ड्यूटी के दौरान एक मालगाड़ी के वैगन से असामान्य आवाज सुनकर इसकी सूचना अधिकारियों को दी। जांच में संबंधित वैगन के पहिए में फ्लैट टायर पाया गया। समय रहते कार्रवाई होने से ट्रेन का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया गया।
फ्लैट टायर की समय पर पहचान
बधवाबारा स्टेशन के यातायात सहायक कल्याण प्रसाद ने 22 जून 2026 को गुजर रही मालगाड़ी के एक वैगन में फ्लैट टायर की पहचान कर तत्काल सूचना दी। आवश्यक कार्रवाई के बाद सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित किया गया।
लोको पायलट ने साहस का दिया परिचय
शहडोल के लोको पायलट (गुड्स) अजय कुमार सिंह ने ड्यूटी के दौरान ट्रैक पर अचानक आए मवेशियों के कारण हुई घटना के बाद अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जोहिला पुल के बीच वैगनों के नीचे पहुंचकर बीपी पाइप को दोबारा जोड़ा। उनकी त्वरित कार्रवाई से संभावित सेक्शन फेल होने की स्थिति टल गई और मात्र 35 मिनट में रेल यातायात बहाल कर दिया गया।
हॉट एक्सल की पहचान कर बचाई ट्रेन
बिलासपुर के वरिष्ठ ट्रेन मैनेजर (गुड्स) संतोष कुमार यादव ने ड्यूटी के दौरान गुजर रही गीतांजली एक्सप्रेस के एक वैगन में हॉट एक्सल से धुआं और आग निकलते देख तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचना दी। समय पर कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना टल गई।
हॉट एक्सल पकड़कर रोकी मालगाड़ी
टेंगनमाड़ा स्टेशन के यातायात सहायक शुभम गुप्ता ने सिग्नल आदान-प्रदान के दौरान गुजर रही मालगाड़ी के एक वैगन में हॉट एक्सल की पहचान की। उन्होंने तुरंत लाल सिग्नल दिखाकर ट्रेन रोकी और अधिकारियों को सूचना दी, जिससे सुरक्षित संचालन सुनिश्चित हुआ।
सुरक्षा के प्रति समर्पण का सम्मान
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कहा कि इन कर्मचारियों की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण कई संभावित रेल दुर्घटनाओं को टाला जा सका। रेलवे ने ऐसे कर्मचारियों को सम्मानित कर सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।








