छत्तीसगढ़ में 95 हजार घरों की छत पर सोलर पैनल, परिवार बन रहे ‘ऊर्जादाता’

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा अब केवल बिजली उत्पादन का साधन नहीं रह गई है, बल्कि घरेलू आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का नया आधार बन रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत प्रदेश में अब तक करीब 95 हजार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।
बिजली बिल में बचत के साथ आत्मनिर्भरता
रूफटॉप सोलर के माध्यम से परिवारों को बिजली बिल में बचत का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ता अब केवल बिजली का इस्तेमाल करने वाले नहीं, बल्कि बिजली का उत्पादन करने वाले ‘ऊर्जादाता’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इससे प्रदेश में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार दे रही संयुक्त सब्सिडी
छत्तीसगढ़ में योजना की प्रमुख खासियत केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय सहायता है। 1 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र सरकार की ओर से ₹30,000 और राज्य सरकार की ओर से ₹15,000 की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। इस तरह पात्र हितग्राही को कुल ₹45,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है।
3 किलोवाट या अधिक क्षमता पर ₹1.08 लाख तक सहायता
वहीं, 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम ₹78,000 की सब्सिडी और राज्य सरकार की ओर से ₹30,000 की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है। इस तरह पात्र उपभोक्ताओं को कुल ₹1.08 लाख तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
रूफटॉप सोलर को मिल रहा बढ़ावा
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त सब्सिडी से रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की शुरुआती लागत कम हो रही है। इससे प्रदेश में अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। योजना के माध्यम से बिजली बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा और घरेलू ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है।






