गलघोटू टीकाकरण के बाद मवेशियों में लम्पी संक्रमण का आरोप, कांग्रेस प्रवक्ता ने जांच और मुआवजे की मांग उठाई

रायगढ़। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों में लम्पी स्किन डिजीज के कथित बढ़ते मामलों और बछड़ों की मौत को लेकर कांग्रेस ने पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ (ग्रामीण) के प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रभावित गांवों में तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम भेजने और पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
टीकाकरण के बाद संक्रमण फैलने का दावा
तारेन्द्र डनसेना का कहना है कि करीब 40 दिन पहले पशुपालन विभाग की टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को गलघोटू (HS) बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया था। उनके अनुसार, इसके बाद कुछ इलाकों में मवेशियों में लम्पी स्किन डिजीज के मामले सामने आए और कई बछड़ों की हालत गंभीर हुई।
उन्होंने कहा कि प्रभावित पशुओं के शरीर पर गांठें, तेज बुखार और भोजन-पानी छोड़ने जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि बीमारी के कारण कई बछड़ों की मौत हुई है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पशुपालन विभाग की व्यवस्था पर उठाए सवाल
डनसेना ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बीमार पशुओं के उपचार और निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रभावित पशुपालक पिछले कई दिनों से समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
गौठान व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता ने पूर्ववर्ती सरकार की गौठान व्यवस्था का उल्लेख करते हुए वर्तमान सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के चारे, पानी और स्वास्थ्य देखभाल जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाता था, जबकि वर्तमान व्यवस्था में इन सुविधाओं की स्थिति कमजोर हुई है।
उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं के नाम बदलने से पशुपालकों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा के लिए नियमित चिकित्सा सुविधा और प्रभावी निगरानी व्यवस्था जरूरी है।
चार प्रमुख मांगें रखीं
तारेन्द्र डनसेना ने प्रशासन और पशुपालन विभाग के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमार पशुओं का निःशुल्क उपचार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई और मृत बछड़ों के पालकों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल है।
24 से 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यदि अगले 24 से 48 घंटे में प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा और जांच को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस किसानों और पशुपालकों के समर्थन में आंदोलन करेगी।
हालांकि, गलघोटू टीकाकरण और लम्पी स्किन डिजीज के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कांग्रेस ने इसी बिंदु को स्पष्ट करने के लिए टीकाकरण अभियान, वैक्सीन की गुणवत्ता, कोल्ड चेन और टीकाकरण प्रक्रिया की जांच की मांग की है।
तारेन्द्र डनसेना
प्रवक्ता, जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण), रायगढ़






