बोड़ला की बेटी गीता यादव ने रचा इतिहास, भारत ने जीता जूनियर महिला एशिया कप

चीन को उसी की धरती पर 1-0 से हराकर भारतीय टीम बनी चैंपियन, लगातार तीसरी बार खिताब जीतकर पूरी की हैट्रिक
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र की बेटी गीता यादव ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मैदान पर प्रदेश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गीता यादव भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम का हिस्सा रहीं, जिसने चीन को उसकी ही धरती पर 1-0 से हराकर विमेंस जूनियर एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम किया।
भारतीय टीम की इस उपलब्धि के साथ जूनियर एशिया कप में भारत ने लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।
बोड़ला से अंतरराष्ट्रीय हॉकी तक गीता का सफर
कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र से निकलकर गीता यादव का भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम तक पहुंचना स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। बोड़ला कबीरधाम जिले के प्रमुख विकासखंडों में शामिल है। सरकारी दस्तावेजों में यह क्षेत्र बैगा जनजातीय बहुल इलाकों से भी जुड़ा हुआ दर्ज है।
ऐसे क्षेत्र से निकलकर गीता का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है।
चीन को उसी की जमीन पर दी मात
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान चीन को 1-0 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने खिताब अपने नाम किया और एशिया में जूनियर महिला हॉकी की अपनी मजबूत स्थिति को एक बार फिर साबित किया।
लगातार तीसरी बार भारत बना चैंपियन
विमेंस जूनियर एशिया कप में यह भारत की लगातार तीसरी खिताबी जीत है। लगातार तीन बार ट्रॉफी अपने नाम करना भारतीय जूनियर महिला हॉकी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
कबीरधाम में खुशी का माहौल
गीता यादव की इस उपलब्धि से कबीरधाम और बोड़ला क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। स्थानीय स्तर पर इसे क्षेत्र की बेटी की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। गीता की सफलता से जिले की अन्य बेटियों और उभरते खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।






