गंगरेल से पानी छोड़े जाने के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में हाई अलर्ट

महानदी का जलस्तर बढ़ने पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने दिए निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियों के निर्देश
सारंगढ़। राज्य के प्रमुख गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने नदी किनारे बसे गांवों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले को हाई अलर्ट पर रहते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने कहा है।
नदी किनारे गांवों में मुनादी कराने के निर्देश
कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पुलिस विभाग, तहसीलदारों, जल संसाधन विभाग और मैदानी अमले को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधान करने तथा लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के नजदीक जाने से रोकने के लिए कहा गया है।
इसके साथ ही प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं और संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
कलमा बैराज में भी बढ़ा जलस्तर
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के कलमा बैराज में भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। शनिवार शाम 7 बजे बैराज का जलस्तर 193.550 मीटर दर्ज किया गया था, जो रविवार सुबह 7 बजे बढ़कर 194.700 मीटर हो गया। हालांकि फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया गया है।
फिलहाल स्थिति सामान्य, प्रशासन की लगातार निगरानी
तहसीलदार सारंगढ़ एन.के. सिन्हा के अनुसार संभावित प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल स्थिति सामान्य है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क करने के लिए संबंधित क्षेत्रों में मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी सावधानियों का पालन करें।
जलस्तर में बदलाव पर रखी जा रही नजर
कलेक्टर ने अधिकारियों को जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की नियमित जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए सभी जरूरी संसाधन तैयार रखने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क और सावधान रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति या जलस्तर में असामान्य वृद्धि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें।






