फ्लाईऐश भराव स्थल में पहुंचा महानदी का पानी, खेतों तक राख पहुंचने की आशंका

सारंगढ़ क्षेत्र में फ्लाईऐश निपटान को लेकर फिर सवाल, ग्रामीणों ने भराव की अनुमति और पर्यावरणीय शर्तों की जांच की मांग की
सारंगढ़। क्षेत्र में फ्लाईऐश के निपटान को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। फ्लाईऐश से पाटे जा रहे एक खदाननुमा क्षेत्र में महानदी का पानी पहुंचने के बाद पानी के साथ फ्लाईऐश के आसपास फैलने की स्थिति सामने आई है। मौके पर पानी से भरा क्षेत्र और आसपास फैले फ्लाईऐश के अवशेष दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने कृषि भूमि और पर्यावरण पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।
पानी के संपर्क में आने के बाद फैलाव की आशंका
स्थानीय लोगों के मुताबिक फ्लाईऐश भराव वाले क्षेत्र में पानी पहुंचने के बाद राख के बहकर आसपास के हिस्सों तक जाने की स्थिति बनी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि फ्लाईऐश लंबे समय तक पानी के संपर्क में रहा और इसी तरह बहता रहा, तो आसपास के खेतों और क्षेत्र पर इसका असर पड़ सकता है।
मौके की तस्वीरों में पानी से भरे क्षेत्र के आसपास फ्लाईऐश के अवशेष नजर आ रहे हैं। हालांकि, इसके वास्तविक पर्यावरणीय प्रभाव और खेतों तक फ्लाईऐश के पहुंचने की मात्रा का निर्धारण संबंधित विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
भराव की अनुमति को लेकर उठे सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल फ्लाईऐश भराव की अनुमति को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों ने सवाल किया है कि महानदी के पानी के पहुंचने वाले क्षेत्र में फ्लाईऐश भराव की अनुमति किन शर्तों और किस विभागीय प्रक्रिया के तहत दी गई।
ग्रामीण यह भी जानना चाहते हैं कि भराव स्थल का अनुमति देने से पहले निरीक्षण किया गया था या नहीं। साथ ही जलभराव की संभावित स्थिति को देखते हुए फ्लाईऐश के फैलाव को रोकने के लिए क्या सुरक्षा इंतजाम निर्धारित किए गए थे, इसकी जानकारी भी सामने आनी चाहिए।
पर्यावरणीय शर्तों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से फ्लाईऐश भराव से जुड़ी अनुमति, निर्धारित पर्यावरणीय शर्तों और स्थल पर किए गए निरीक्षण की जानकारी सामने रखने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित नियमों के तहत भराव किया जा रहा है तो मौके की स्थिति की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पानी के संपर्क में आने से फ्लाईऐश के फैलाव को रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं।
जांच और खेतों को सुरक्षित रखने की मांग
ग्रामीणों ने मामले की जांच कर फ्लाईऐश के फैलाव को रोकने तथा आसपास की कृषि भूमि और जलस्रोतों को सुरक्षित रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मामले में संबंधित विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
फिलहाल फ्लाईऐश भराव की अनुमति किन शर्तों पर दी गई थी और स्थल पर विभागीय स्तर पर क्या निरीक्षण किया गया था, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।






