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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल: रायगढ़ में 550 से अधिक कर्मचारियों का प्रदर्शन, नियमितीकरण की मांग तेज

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छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल ने जोर पकड़ लिया है। 18 अगस्त से शुरू हुई इस हड़ताल में प्रदेशभर के 16,000 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। हड़ताल के दूसरे दिन 19 अगस्त को रायगढ़ जिले के 550 से अधिक एनएचएम कर्मचारियों ने शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में जोरदार प्रदर्शन किया।

इस आंदोलन के चलते आपातकालीन सेवाओं और टीकाकरण कार्य पर असर पड़ा है। जिले की 16 स्वास्थ्य संस्थाओं में टीकाकरण प्रभावित रहा, जहां एक मात्र एनएचएम कर्मचारी पदस्थ थे।

जिलाध्यक्ष शकुंतला एक्का ने बताया कि चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वित्त मंत्री ने मंच से आश्वासन दिया था कि सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर कमेटी गठित कर नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन 20 माह बीत जाने और 160 से अधिक ज्ञापन सौंपने के बावजूद आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने मिनी स्टेडियम में यज्ञ का आयोजन किया और “हमारी भूल – कमल का फूल” जैसे नारे लगाकर सरकार के वादाखिलाफी पर व्यंग्य किया। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वित्त मंत्री के मुखौटे पहनकर प्रतीकात्मक हवन किया। इस दौरान उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि सरकार को सद्बुद्धि मिले और 20 वर्षों से लंबित उनकी 10 सूत्रीय मांगों, खासकर नियमितीकरण और स्थायीकरण, पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

गौरतलब है कि पिछले दो दशकों से एनएचएम कर्मचारी प्रदेश के सुदूर अंचलों से लेकर प्रमुख शासकीय संस्थानों तक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी भूमिका अहम रही, बावजूद इसके वे आज भी नियमित सेवा, उचित वेतन और चिकित्सा बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

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