रायगढ़

विश्व स्वास्थ्य दिवस:- संगोष्ठी,बच्चों के लिए स्वास्थ्य शिविर हुए आयोजितब्लॉकों में लगा नि:शुल्क स्वास्थ्य कैंप, लोगों को किया जागरूक…।।जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार हो रहे नए पहल:-सीएमएचओ डॉ. केसरी

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

सिंहघोष/रायगढ़-०७.०४.२२-
गुरूवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम हुए। सभी कार्यक्रमों में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया । स्वास्थ्य विभाग ने सभी वर्गों के बीच विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया।
बीते दो सालों से विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा था जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग का इस दिन को बेहतर तरीके से मनाने के प्रति ज्यादा ध्यान गया ही नहीं। इस बार कोविड संक्रमण के बहुत कम होने के कारण वृहत रूप से पूरे जिले में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एस एन केसरी अपने स्टाफ के साथ पंडित किशोरी मोहन त्रिपाठी कन्या महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए। संगोष्ठी “हमारा ग्रह, हमारा स्वास्थ्य” को लेकर थी जो इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस का थीम भी है। स्वास्थ्य विभाग के साथ कॉलेज प्रबंधन और छात्र इस संगोष्ठी में शामिल थे जहां बेहतर स्वास्थ्य के मुद्दे पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम छात्राओं को समझाने के अलावे उन्हें स्वस्थ्य जीवन के फायदे पर भी बीच-बीच में बता रही थी।
संगोष्ठी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस एन केसरी ने कहा, “आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी और बदलती जीवनशैली ने सबसे अधिक युवा पीढ़ी को प्रभावित किया है। जीवन में जल्दी से जल्दी बहुत कुछ हासिल कर लेने की चाह ने जहाँ उनके सुकून को छीन लिया है वहीँ उनके पास न तो सही से खाने का वक्त होता है और न ही सोने का। फ़ास्ट फ़ूड और दिखावे के लिए शराब और सिगरेट का सहारा लेने वाले युवाओं में हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर और हाइपरटेंशन जैसी गैर-संचारी रोग अब 30 साल की उम्र में ही शरीर पर कब्ज़ा जमाने लगी हैं। इन्हीं परिस्थितियों से लोगों को उबारने के लिए ही हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस पर 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है जिसका मकसद लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के लिए जरूरी परामर्श के साथ जागरूक भी करना है। हर साल अलग-अलग थीम पर मनाये जाने वाले दिवस की इस बार की थीम ‘हमारा ग्रह, हमारा स्वास्थ्य (our planet, our health) है। इस वर्ष की थीम का उद्देश्य पृथ्वी के हर मनुष्य के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है।”
इसके अलावा जिले के सभी ब्लॉकों में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। पुसौर में वृद्धजनों के लिए विशेष रूप से कैंप का आयोजन किया गया। शहर के पंजरी प्लांट स्थित बाल संप्रेषण गृह में बच्चों के लिए विशेष कैंप का आयोजन किया गया। जहां 28 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई और उन्हे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने, साफ हाथ से खाना खाने, हाथ धोने के तरीके आदि को समझाया गया। मानसिक रूप से परेशान दो बच्चों की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परामर्श भी दिया। स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राघवेंद्र बोहिदार ने बताया कि बाल संप्रेषण गृह के बच्चों को कई तरह की समस्याएं थी। जिनमें खुजली, सर्दी-खांसी आम थे। सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई और उन्हें स्वस्थ रहने के टिप्स दिए गए।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार हो रही नई पहल: सीएमएचओ डॉ. केसरी
सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी ने बताया, “वर्तमान समय में बहुत से लोग दिल की बीमारी, मधुमेह, कैंसर, कुष्ठ, टीबी, नेत्रहीनता, मलेरिया जैसे गम्भीर रोगों के शिकार है। ऐसे में स्वयं को सुरक्षित और स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और लोक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रायगढ़ में लगातार नई पहल की जा रही है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्रियान्वित मलेरिया-मुक्त रायगढ़, टीबी हारेगा-रायगढ़ जीतेगा (टीबी उन्मूलन), दीर्घायु वार्ड (कैंसर), कुष्ठ निवारण अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। इसके अतिरिक्त मातृत्व स्वास्थ्य, प्रसव-संबंधित सेवा, शिशु स्वास्थ्य टीकाकरण, संचारी व गैर-संचारी रोग, परिवार नियोजन संबंधित सेवा में भी रायगढ़ का बेहतर प्रदर्शन रहा हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती के सही पोषण की व्यवस्था की जा रही है । हर क्षेत्र में मितानिन, आशा कार्यकर्ता कार्यरत है जो स्वास्थ्य सम्बन्धी किसी भी मुश्किल में साथ खड़ी नजर आती हैं।”

रोज कम-से-कम 45 मिनट तक शारिरिक श्रम करें
गैर-संचारी रोगों के नोडल अधिकारी डॉ.योगेश पटेल ने बताया, “शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना बहुत जरूरी है । इसके लिए जरूरी है कि सही पोषण के साथ ही ध्यान, योग और प्राणायाम को भी जीवन में शामिल किया जाए। शारीरिक श्रम से मुंह मोड़ने का ही नतीजा है कि शरीर बीमारियों का घर बन रहा है । गैर-संचारी रोगों से बचने के लिए जरूरी है कि हर रोज कम से कम 45 मिनट तक कड़ी मेहनत व शारीरिक श्रम किया जाए । इससे हृदय रोग और डायबिटीज से शरीर को सुरक्षित बना सकते हैं। इसके अलावा तम्बाकू उत्पादों के सेवन और शराब से नाता तोड़ने में ही सही सेहत के सारे राज छिपे हैं। इन बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए ही सरकार ने घर के नजदीक ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित करने और इन बीमारियों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की है। “
स्वस्थ जीवन के लिए है जरूरी
संतुलित आहार लें
फलों व सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं
नियमित व्यायाम से शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखें
तनाव मुक्त रहें
कोई दिक्कत हो तो परिवार से साझा करें प्रतिदिन छह से सात घंटे की निद्रा या आराम जरूरी
वजन को संतुलित रखें
दिक्कत महसूस हो तो प्रशिक्षित चिकित्सक से संपर्क करें
चीनी व नमक का कम से कम सेवन करें तम्बाकू और शराब से तौबा करने में ही है भलाई
तले खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन न करें|

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button