छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: विजय भाटिया 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जांच में मिले अहम सुराग

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में अहम मोड़ आया है। इस मामले में गिरफ्तार कारोबारी विजय भाटिया को अब 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गुरुवार को उनकी 11 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद ACB/EOW कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 26 जून 2025 तक जेल भेजने के आदेश दिए गए।
पुलिस रिमांड में हुए बड़े खुलासे
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, विजय भाटिया से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन जानकारियों के आधार पर जांच की रफ्तार और तेज की जाएगी। घोटाले की गहराई और इसमें शामिल नेटवर्क को लेकर नई कड़ियां जुड़ रही हैं।
दिल्ली से गिरफ्तारी, भिलाई में छापेमारी
1 जून को दिल्ली से गिरफ्तार किए गए विजय भाटिया को भिलाई के नेहरू नगर स्थित उनके आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी के बाद हिरासत में लिया गया था। इस कार्रवाई के दौरान उनके मैनेजर संतोष रामटेके के घर की भी तलाशी ली गई, जहां से कुछ दस्तावेज जब्त किए गए।
भूपेश बघेल के करीबी भी जांच के घेरे में
इस घोटाले की जांच में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले पप्पू बंसल को भी हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियों ने विजय भाटिया और पप्पू बंसल को आमने-सामने बैठाकर गहन पूछताछ की। इस दौरान कई दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन और कथित साजिश से जुड़े तथ्य उजागर हुए हैं।
ED की चार्जशीट में 21 आरोपी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट में कुल 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर
पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टूटेजा
कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लन
और कंपनियां: छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, ओम साईं ब्रेवरीज, भाटिया वाइन मर्चेंट, सिद्धार्थ सिंघानिया आदि।
आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियां
सूत्रों के अनुसार, ACB और EOW अब अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सबूत जुटा रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच एजेंसियों की नजर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर जुड़े अन्य प्रभावशाली नामों पर भी बनी हुई है।












