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छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण को बड़ी रफ्तार, 55 योजनाओं से बनेगा 12 हजार से ज्यादा मकान

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छत्तीसगढ़ में इस वर्ष आवास विकास के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विस्तार शुरू किया गया है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CGHB) ने राज्यभर में 55 नई योजनाओं के माध्यम से 12,149 आवासीय इकाइयों के निर्माण की घोषणा की है। इनमें फ्लैट, डुप्लेक्स और स्वतंत्र मकान शामिल हैं, जिन्हें अगले 24 महीनों के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य सरकार का यह कदम किफायती आवास (Affordable Housing) के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है।


रायपुर सबसे आगे, 4,275 नए भवन स्वीकृत

राजधानी रायपुर इस व्यापक अभियान में सबसे आगे है, जहां 4,275 नए मकानों को स्वीकृति दी गई है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि ये योजनाएं LIG, MIG और HIG— तीनों वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, ताकि हर परिवार अपनी क्षमता के अनुसार घर ले सके।

आवास विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर निर्माण से रायपुर–दुर्ग–बिलासपुर कॉरिडोर में जमीन और किराए के बढ़ते दामों पर नियंत्रण आएगा।


₹2,060 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ, AI चैटबॉट और पोर्टल लॉन्च

रायपुर के शंकर नगर स्थित BTI ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुल ₹2,060.28 करोड़ की आवास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने CGHB के AI चैटबॉट और नए डिजिटल पोर्टल को भी लॉन्च किया, जिसके जरिए नागरिक घरों की कीमत, उपलब्धता, लोकेशन और निर्माण प्रगति की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने हाउसिंग बोर्ड का ₹790 करोड़ का कर्ज चुकता कर दिया है, जिससे बोर्ड अब नवाचार आधारित नए प्रोजेक्ट्स पर अधिक फोकस कर सकेगा।


26 जिलों में तेज प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिला महत्व

राज्य के 26 जिलों में आवास निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। जिला-वार आंकड़ों में रायपुर के बाद महासमुंद (1,507 भवन) दूसरे स्थान पर है। इसके बाद दुर्ग (845), धमतरी (602), बिलासपुर (590), जशपुर (591) और कोरिया (381) में कार्य स्वीकृत हुए हैं।

अन्य 13 जिलों में 3,423 आवासीय इकाइयों का निर्माण जारी है, जिससे सिद्ध होता है कि राज्य सरकार शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी समान रूप से आवास विकास को प्राथमिकता दे रही है।

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