भादी अमावस्या पर दादी रानी सती मंदिर में उमड़ी श्रद्धा, भक्तिमय हुआ गांधीगंज

मेहंदी, रातजगा और मंगल पाठ में शामिल हुए श्रद्धालु, भव्य भंडारे में भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
रायगढ़। भादी अमावस्या के पावन अवसर पर गांधीगंज स्थित दादी रानी सती मंदिर में दिनभर धार्मिक आयोजनों की धूम रही। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था और सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पूरे दिन मंदिर परिसर दादी रानी सती के जयकारों और भजनों से गूंजता रहा।
मेहंदी और रातजगा से शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रम
भादी अमावस्या के मुख्य आयोजन से एक दिन पहले मंदिर परिसर में मेहंदी कार्यक्रम और रातजगा आयोजित किया गया। देर रात तक श्रद्धालुओं ने भजन एवं मंगल गीतों में सहभागिता की। धार्मिक गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
सुबह से मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की कतार
भादी अमावस्या के दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने दादी रानी सती के दरबार में पूजा-अर्चना कर धोक लगाई और परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
मंगल पाठ में उमड़ी श्रद्धा
धार्मिक कार्यक्रमों की कड़ी में दोपहर 3 बजे से मंगल पाठ का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मंगल पाठ के दौरान मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से सराबोर नजर आया। दादी के जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
भव्य भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
आयोजन के समापन अवसर पर रात 8:30 बजे भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था में समाजजनों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया और सेवा कार्य में अपनी भागीदारी निभाई।
विशेष सजावट ने आकर्षित किया श्रद्धालुओं का ध्यान
भादी अमावस्या को लेकर दादी रानी सती मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। धार्मिक आयोजनों के साथ मंदिर की साज-सज्जा ने भी श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
आस्था का प्रमुख केंद्र है दादी रानी सती मंदिर
गांधीगंज स्थित दादी रानी सती मंदिर रायगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां वर्षभर विभिन्न धार्मिक पर्वों और विशेष अवसरों पर आयोजन होते हैं। भादी अमावस्या पर भी हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दादी रानी सती के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।






