चक्रवात ‘अर्नब’ की आशंका से छत्तीसगढ़ में अलर्ट, 27 से 29 अक्टूबर तक जिलों में विशेष सतर्कता

मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने ली उच्चस्तरीय बैठक, बस्तर संभाग के छह जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका के बीच प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश
रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बन रहे संभावित चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर छत्तीसगढ़ में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी सिलसिले में मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने की। बैठक में राजस्व, आपदा प्रबंधन, मौसम विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
27 से 29 अक्टूबर तक जिलों में विशेष सतर्कता
बैठक में सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। प्रशासन को कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और मौसम तथा स्थानीय परिस्थितियों से संबंधित नियमित रिपोर्ट मंत्रालय भेजने को कहा गया है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं तैयार रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
बस्तर संभाग के छह जिलों पर विशेष नजर
उपलब्ध मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ में संभावित चक्रवात का प्रभाव अधिक रहने की आशंका जताई गई है। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने तथा भारी से अति भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को संवेदनशील और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखने को भी कहा गया है।
राहत और बचाव की तैयारियां रखने के निर्देश
संभावित मौसम परिवर्तन को देखते हुए प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। कंट्रोल रूम के सक्रिय रहने और समय पर सूचना मिलने से आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।






