चिराईपानी में कंपनी के अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर, नाली-तालाब और शासकीय भूमि कराई मुक्त

बाउंड्री वॉल हादसे के बाद प्रशासन सख्त, राजस्व टीम ने सीमांकन कर की कार्रवाई
रायगढ़। जिले के ग्राम चिराईपानी में ओम श्री रुपेश कंपनी द्वारा किए गए कथित बेजा कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेजों के आधार पर सीमांकन कर नाली, तालाब एवं शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए तोड़फोड़ की कार्रवाई की।
मामला उस समय और गंभीर हो गया था जब कुछ दिन पहले कंपनी के क्रशर प्लांट की बाउंड्री वॉल धंसने से 9 माह की गर्भवती महिला और उसके अजन्मे शिशु की मौत हो गई थी। इस हादसे में दो अन्य मजदूर भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका उपचार अभी जारी है।
बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से करीब 20 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल के किनारे लापरवाहीपूर्वक गड्ढा खोदा गया था। बारिश का पानी भरने के कारण दीवार कमजोर होकर लेबर क्वार्टर पर गिर गई, जिससे वहां मौजूद श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया और लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।
ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी प्रबंधन और संबंधित लोगों द्वारा गांव की नाली, तालाब तथा शासकीय जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। इसकी शिकायत कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गर्भवती महिला की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
शुक्रवार को प्रशासनिक टीम ने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचकर सीमांकन कराया। जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद बिना देर किए अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया गया और शासकीय भूमि को मुक्त कराया गया।
इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व अधिकारी, पटवारी, जिला पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई से गांव में संतोष का माहौल है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि क्षेत्र के अन्य बेजा कब्जों पर भी जल्द सख्त कदम उठाए जाएंगे।







