जन्म प्रमाण पत्र बनाने और सुधार की प्रक्रिया हुई आसान, राज्य सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

अलग-अलग आयु वर्ग के लिए तय किए गए दस्तावेज, प्रक्रिया होगी पारदर्शी
रायपुर। सांख्यिकी विभाग ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने और उसमें सुधार की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत अब विभिन्न आयु वर्ग के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों की सूची तय की गई है।
0 से 21 दिन के भीतर जन्म पंजीयन के लिए केवल आधार अनिवार्य
जारी निर्देशों के अनुसार, जन्म के 0 से 21 दिनों के भीतर नवीन जन्म प्रमाण पत्र के लिए केवल माता-पिता का आधार कार्ड ही पर्याप्त होगा। इस श्रेणी में प्रक्रिया को सबसे सरल रखा गया है ताकि समय पर पंजीयन सुनिश्चित हो सके।
22 दिन से 1 वर्ष तक के लिए अतिरिक्त दस्तावेज आवश्यक
यदि जन्म पंजीयन 22 दिन से 1 वर्ष के भीतर कराया जाता है, तो इसके लिए निम्न दस्तावेज जरूरी होंगे—
- ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जारी अनुपलब्धता प्रमाण पत्र
- सरपंच द्वारा तैयार पंचनामा
- विलंबित जन्म पंजीयन हेतु स्व-शपथ पत्र
- बच्चे का आधार कार्ड या अंकसूची
- माता-पिता का आधार कार्ड
इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी द्वारा आदेश जारी किया जाएगा।
1 वर्ष से अधिक आयु के मामलों में तहसीलदार जारी करेंगे आदेश
यदि जन्म पंजीयन 1 वर्ष से अधिक समय बाद कराया जाता है, तो उसी प्रकार के दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। ऐसे मामलों में अंतिम आदेश संबंधित तहसीलदार द्वारा जारी किया जाएगा।
जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए भी सरल प्रक्रिया
जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए सभी आयु वर्ग के आवेदकों को—
- पुराना जन्म प्रमाण पत्र
- सुधार हेतु आधार दस्तावेज
- माता-पिता का आधार कार्ड
- स्व-शपथ पत्र
प्रस्तुत करना होगा।
नोटरी की आवश्यकता समाप्त
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब जन्म प्रमाण पत्र बनवाने या उसमें सुधार कराने के लिए नोटरी की कोई आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक निर्धारित दस्तावेजों के साथ सीधे आवेदन कर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।







