छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का प्रमुख टेक्सटाइल हब बनाने की तैयारी, मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से की चर्चा

निवेश, रोजगार और आधुनिक तकनीक पर हुआ मंथन
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार, नए निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में प्रदेश को मध्य भारत के प्रमुख टेक्सटाइल एवं अपैरल मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए किए गए विशेष प्रावधानों और प्रदेश में इस क्षेत्र में बढ़ रही निवेश गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक, डिजाइन और नवाचार को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला एवं कौशल से जोड़कर एक मजबूत औद्योगिक आधार तैयार करना है।
टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया है। इसके तहत टेक्सटाइल उद्योग में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए विभिन्न आकर्षक प्रोत्साहन और अनुदान का प्रावधान किया गया है।
सरकार की इन नीतिगत पहलों का असर अब निवेशकों की बढ़ती रुचि के रूप में दिखाई देने लगा है। प्रदेश में टेक्सटाइल से जुड़ी नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
बड़े निवेश के साथ रोजगार पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास नीति का उद्देश्य केवल पूंजी निवेश बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। इसी उद्देश्य से ऐसी औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है, जो एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएंगी।
टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग श्रम आधारित क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष रोजगार देने की क्षमता रखता है। इसके विस्तार से युवाओं के साथ महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नवा रायपुर में विकसित होगा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इको-सिस्टम
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर में टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को गति मिल रही है। राज्य सरकार की योजना यहां केवल उत्पादन इकाइयां स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्सटाइल एवं अपैरल उद्योग का एक व्यापक इको-सिस्टम तैयार करने की है।
इस इको-सिस्टम में डिजाइन, उत्पादन, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और बाजार की सुविधाओं को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा, जिससे उद्योगों को एक ही क्षेत्र में आवश्यक सहयोगी ढांचा उपलब्ध हो सके।
युवाओं और महिलाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग में निवेश बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही इससे छोटे उद्यमों, सहायक उद्योगों और स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
टेक्सटाइल क्षेत्र की रोजगार क्षमता को देखते हुए राज्य सरकार इसे औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का महत्वपूर्ण माध्यम मान रही है।
पारंपरिक कौशल को आधुनिक उद्योग से जोड़ने पर जोर
बैठक में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वस्त्र कौशल को आधुनिक तकनीक, नए डिजाइन और नवाचार से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। इससे प्रदेश की पारंपरिक क्षमताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
राज्य सरकार का प्रयास है कि टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश और उत्पादन बढ़ाने के साथ स्थानीय कौशल को भी बाजार की नई जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए। इससे छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूती मिल सकती है।






