साइबर अपराध के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की नई पहल, लघु फिल्म प्रतियोगिता में मिलेंगे लाखों के पुरस्कार

“संकल्प: साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर होगा आयोजन, युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से भागीदारी की अपील
रायगढ़, 10 सितंबर। डिजिटल लेन-देन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने रायगढ़ पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। जिला पुलिस की ओर से “साइबर जागृति अभियान” के तहत साइबर अपराध जागरूकता पर आधारित लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता की थीम “संकल्प: साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” रखी गई है।
रचनात्मक फिल्मों के जरिए दिया जाएगा साइबर सुरक्षा का संदेश
पुलिस के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों के तरीकों के साथ-साथ उनके शुरुआती संकेत, संभावित नुकसान और बचाव के उपायों को आम लोगों तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। इस अभियान में रोटरी क्लब रायगढ़ सहित अन्य संस्थानों का सहयोग रहेगा, जबकि प्रतियोगिता के प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios संभालेगा।
एसएसपी ने कहा- अपराध के बाद कार्रवाई से ज्यादा जरूरी पहले से जागरूकता
प्रेसवार्ता में रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ठग लोगों के डर, लालच, भरोसे, जल्दबाजी और तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर अपराध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने के बाद पुलिस कार्रवाई जरूरी है, लेकिन उससे पहले नागरिकों को सतर्क और डिजिटल रूप से जिम्मेदार बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मोबाइल से बनाई गई फिल्में भी होंगी प्रतियोगिता में शामिल
प्रतियोगिता में फिल्मकारों के साथ विद्यार्थी, युवा, कंटेंट क्रिएटर, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक भी हिस्सा ले सकते हैं। फिल्म हिंदी, अंग्रेजी या छत्तीसगढ़ी भाषा में बनाई जा सकती है। मोबाइल फोन से तैयार की गई फिल्मों को भी प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा और ऐसी प्रविष्टियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इन साइबर अपराधों पर बनाई जा सकती है फिल्म
प्रतिभागी डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर ठगी, OTP और UPI फ्रॉड, QR कोड, फिशिंग लिंक, फर्जी SMS-कॉल, APK फाइल, रिमोट एक्सेस एप, SIM स्वैप, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, साइबर बुलिंग, सेक्सटॉर्शन, ब्लैकमेल, डीपफेक, फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन निवेश ठगी, फर्जी नौकरी, लोन एप, ई-कॉमर्स और कस्टमर केयर फ्रॉड जैसे विषयों पर फिल्म बना सकते हैं।
इसके अलावा महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, डेटा चोरी, रैनसमवेयर, फेक न्यूज, डिजिटल प्राइवेसी और सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार जैसे विषयों को भी फिल्म का आधार बनाया जा सकता है।
केवल अपराध नहीं, बचाव का तरीका बताना भी जरूरी
प्रतियोगिता में भाग लेने वालों से अपेक्षा की गई है कि फिल्म में केवल साइबर अपराध की घटना को प्रदर्शित न किया जाए। कहानी के माध्यम से लोगों को यह भी बताया जाए कि ठगी के संकेतों को कैसे पहचाना जा सकता है, अपराध से कैसे बचा जा सकता है और घटना होने पर सुरक्षित तरीके से शिकायत कैसे की जाए।
दो श्रेणियों में होगी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता को दो वर्गों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में 3 से 6 मिनट की लघु फिल्में शामिल होंगी। इसमें कहानी, पात्रों, अपराध की प्रक्रिया, पीड़ित पर प्रभाव और समाधान को विस्तार से प्रस्तुत किया जा सकेगा।
इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये रखा गया है।
दूसरी श्रेणी में 1 से 3 मिनट तक की फिल्म या रील शामिल होगी। इसमें किसी एक घटना, चेतावनी या संक्षिप्त साइबर जागरूकता संदेश को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सकेगा। इस वर्ग में प्रथम पुरस्कार 75 हजार रुपये, द्वितीय 50 हजार रुपये और तृतीय 25 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
24 सितंबर तक जमा करनी होगी प्रविष्टि
प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 24 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता के परिणाम 27 सितंबर 2026 को रायगढ़ के ऑडिटोरियम में घोषित किए जाएंगे।
मौलिक फिल्म और कॉपीराइट नियमों का रखना होगा ध्यान
प्रतिभागियों को अपनी फिल्म मौलिक रखनी होगी। फिल्म में इस्तेमाल किए गए संगीत, तस्वीर, वीडियो या अन्य सामग्री के आवश्यक अधिकार प्रतिभागी के पास होना जरूरी है। संवेदनशील मामलों पर फिल्म बनाते समय पीड़ित की पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा।
Google Drive के जरिए जमा होगा फिल्म का लिंक
फिल्म को सीधे आवेदन फॉर्म में अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी। प्रतिभागी फिल्म को Google Drive या किसी अन्य विश्वसनीय फाइल-होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसका सक्रिय और सार्वजनिक रूप से देखने योग्य लिंक जमा कर सकेंगे।
युवाओं से अधिक से अधिक भाग लेने की अपील
रायगढ़ पुलिस ने प्रदेश और जिले के विद्यार्थियों, युवाओं, फिल्मकारों, कंटेंट क्रिएटर्स तथा आम नागरिकों से प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि प्रभावी तरीके से बनाई गई एक छोटी फिल्म भी किसी व्यक्ति को बड़ी आर्थिक या मानसिक परेशानी से बचाने में मदद कर सकती है।
प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी के लिए:
वेबसाइट: filmotsav.org
संपर्क: 8817420420
ईमेल: contact@filmotsav.org






