दिल्ली में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू, चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। आयोग ने इसके तहत पूरी कार्ययोजना और समय-सारणी भी जारी कर दी है।
SIR का उद्देश्य: सही मतदाता सूची तैयार करना
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि—
- कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे
- और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो
इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर सत्यापन
दिल्ली में SIR के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन कार्य करेंगे।
इस दौरान—
- प्रत्येक मौजूदा मतदाता को एन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां दी जाएंगी
- एक फॉर्म भरकर BLO को वापस देना होगा
- मतदाता को रसीद (acknowledgement) भी दी जाएगी
यदि किसी घर में मतदाता नहीं मिलता है, तो BLO कम से कम तीन बार घर का दौरा करेगा।
ड्राफ्ट और अंतिम वोटर लिस्ट का शेड्यूल
चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया का टाइमटेबल जारी किया है—
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: 5 अगस्त
- दावे और आपत्तियां: 5 अगस्त से 4 सितंबर
- निपटारा: 3 अक्टूबर तक
- अंतिम वोटर लिस्ट: 7 अक्टूबर
दिल्ली के मौजूदा मतदाता आंकड़े
दिल्ली में वर्तमान मतदाता स्थिति इस प्रकार है—
- कुल मतदाता: 1,45,10,298
- पुरुष: 77,11,132
- महिला: 67,98,142
- थर्ड जेंडर: 1,024
- दिव्यांग मतदाता (PWD): 76,155
- 18-19 आयु वर्ग: 3,29,130
- 100 वर्ष से अधिक आयु: 192
- कुल मतदान केंद्र: 13,033
देशभर में चल रही SIR प्रक्रिया
चुनाव आयोग के अनुसार, वर्तमान में देश के 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया चल रही है। यह अभियान 2025 में बिहार चुनाव से पहले शुरू हुआ था।
अब तक विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची से लगभग 6 करोड़ नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
विवाद और कानूनी स्थिति
विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की इस कवायद को संवैधानिक रूप से वैध माना है।
दिल्ली में शुरू हुआ SIR अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले महीनों में इसकी अंतिम सूची चुनावी प्रक्रिया की नींव तय करेगी।








