बीजापुर में सरेंडर नक्सली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, भाई ने जताया संदेह

पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण ले रहा था 26 वर्षीय नरसू बोड्डू उर्फ नैती, एफएसएल टीम ने शुरू की जांच
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे एक सरेंडर नक्सली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान नरसू बोड्डू उर्फ नैती (26 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद बीजापुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मृतक के भाई साकेत कुमार बोड्डू ने घटना को लेकर संदेह जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण ले रहा था नरसू
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरसू बोड्डू 23 जुलाई 2026 से पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। बुधवार सुबह उसकी मौत की सूचना पुलिस को मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम और थाना बीजापुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक जांच की। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बाथरूम में जान देने की मिली जानकारी: भाई
मृतक के भाई साकेत कुमार बोड्डू ने बताया कि परिवार को नरसू की मौत की जानकारी बुधवार को मिली। उनके अनुसार, परिजनों को बताया गया कि नरसू ने पुनर्वास केंद्र के बाथरूम में जान दे दी। हालांकि, घटना की परिस्थितियों को लेकर उन्होंने संदेह जताया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घर लौटने की उम्मीद के बीच मिली मौत की खबर
साकेत कुमार के मुताबिक, नरसू को वर्ष 2025 में सरेंडर कराने के लिए लाया गया था। इसके बाद पुनर्वास प्रक्रिया के तहत उसे घर भेजे जाने और फिर अगस्त में पुनर्वास केंद्र बुलाए जाने की जानकारी परिवार को दी गई थी।
मृतक के भाई का दावा है कि नरसू को अगले दिन घर भेजे जाने की बात कही जा रही थी। इससे परिवार को उसके जल्द लौटने की उम्मीद थी। साकेत ने बताया कि नरसू के छोटे-छोटे बच्चे, पत्नी और बुजुर्ग पिता हैं। ऐसे में परिवार के लिए उसकी मौत की खबर गहरा सदमा है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
घटना को लेकर परिजनों द्वारा संदेह जताए जाने के बीच पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एफएसएल टीम की जांच और अन्य आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर मौत की परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।






