नीति आयोग की बैठक में सीएम साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन, बस्तर के बदलाव का रोडमैप पेश

नई दिल्ली। Vishnu Deo Sai ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में आयोजित NITI Aayog की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने देश के सामने नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर की नई तस्वीर रखते हुए कहा कि दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनने जा रहा है।
बस्तर में आय दोगुनी करने का लक्ष्य, हर परिवार की आय 30 हजार तक पहुंचाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। खेती, पशुपालन, वन उपज और ग्रामीण उद्योगों के जरिए आय बढ़ाने की व्यापक योजना पर काम किया जा रहा है।
डेयरी मॉडल से आएगी आर्थिक क्रांति
सीएम साय ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार होगा। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे और दूध संग्रहण, परिवहन व स्थानीय बाजार जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
32 हजार हेक्टेयर तक पहुंचेगा सिंचाई नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली दो बड़ी परियोजनाओं के जरिए 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। Indravati River क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से किसान धान के साथ सब्जियां, फल और नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।
डिजिटल हेल्थ और सेवा डेरा से गांवों तक सुविधाएं
उन्होंने कहा कि बस्तर के लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी। साथ ही लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को राशन, पेंशन, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित 371 सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।
पर्यटन बनेगा बड़ा रोजगार सेक्टर
सीएम साय ने बताया कि Chitrakote Falls और Sirpur को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार होगा। इससे होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा।
एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़ेगा निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और तकनीक आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन के जरिए युवाओं को नए अवसर दिए जा रहे हैं। साथ ही राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयों की स्थापना भी की जा रही है।
शिक्षा और डिजिटल विकास पर विशेष जोर
सीएम साय ने बताया कि अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके अलावा 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
निर्यात और उद्योगों को मिली नई रफ्तार
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत खेल सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया गया, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा।
विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेज़ कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब सुशासन, तकनीक, निवेश और जनकल्याण आधारित विकास मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के साथ राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में तेज गति से कार्य जारी है।






