रायगढ़ में 28वां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आज से, 12 हजार वर्गफुट के पंडाल में दिखेंगी भव्य झांकियां

2 से 6 सितंबर तक पांच दिवसीय आयोजन, कृष्ण लीलाओं के साथ साइबर अपराध और जुआ-सट्टे के खिलाफ भी मिलेगा जागरूकता संदेश
रायगढ़। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर रायगढ़ में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्री श्याम मंडल रायगढ़ की ओर से इस वर्ष पांच दिवसीय 28वें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन 2 से 6 सितंबर तक किया जा रहा है। आयोजन को लेकर मंडल की ओर से पत्रकार वार्ता आयोजित कर कार्यक्रम की तैयारियों और प्रमुख आकर्षणों की जानकारी दी गई।
महोत्सव का शुभारंभ 2 सितंबर को ओघड़ संत पूज्यपाद श्री प्रियदर्शी राम जी के पावन सानिध्य और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में होगा।
12 हजार वर्गफुट में तैयार हुआ वाटरप्रूफ पंडाल
महोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए श्याम बगीची परिसर में करीब 12 हजार वर्गफुट का वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और विभिन्न सामाजिक विषयों पर आधारित आकर्षक स्वचालित झांकियां तैयार की जा रही हैं।
प्रमुख झांकियों में सिद्धि विनायक गणेश जी, कृष्ण-सुदामा मिलन, कृष्ण जी का गौ प्रेम, गोपियों के साथ रासलीला और कर्माबाई का प्रभु प्रेम शामिल हैं। इसके अलावा विराट हनुमानजी पहाड़ मंदिर और डोरेमोन ड्रीम सिटी की झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश
इस बार महोत्सव में धार्मिक झांकियों के साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई है। साइबर अपराध से बचाव और जुआ-सट्टे के नियंत्रण जैसे विषयों पर आधारित झांकियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अमरनाथ यात्रा पर आधारित विशेष झांकियां भी तैयार की जा रही हैं।
फूल बंगला और बांके बिहारी जी के दर्शन होंगे खास
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए लड्डू गोपाल झूला, राधा-कृष्ण झूला और वृंदावन के बांके बिहारी जी के दर्शन की विशेष व्यवस्था रहेगी।
इस वर्ष फूल बंगला भी महोत्सव का विशेष आकर्षण रहेगा। इसे कोलकाता से आए कलाकार भव्य स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।
दुर्ग-अंजोरा के कलाकार तैयार कर रहे स्वचालित झांकियां
महोत्सव की स्वचालित झांकियों को दुर्ग-अंजोरा के कलाकार तैयार कर रहे हैं। धार्मिक कथाओं, आधुनिक तकनीक और कलात्मक प्रस्तुति के मेल से श्रद्धालुओं को अलग अनुभव देने की तैयारी है।
पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं।






