सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से उद्योगों को मिलेगा उपचारित पानी, कंपनियों के एक्शन प्लान का इंतजार

शहर के गंदे पानी को ट्रीटमेंट के बाद उपयोग में लाने की तैयारी
रायगढ़। शहर से निकलने वाले दूषित पानी को पाइपलाइन के जरिए दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तक पहुंचाया जा रहा है। इन प्लांटों में पानी का उपचार करने के बाद इसे औद्योगिक उपयोग के लिए दो कंपनियों को उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
दोनों कंपनियों ने अब तक नहीं दिया एक्शन प्लान
उपचारित पानी के उपयोग को लेकर संबंधित दोनों उद्योगों के साथ समझौता किया गया है, लेकिन फिलहाल दोनों कंपनियों की ओर से पानी के उपयोग से संबंधित विस्तृत एक्शन प्लान प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे में आगे की प्रक्रिया उनके प्रस्ताव और तकनीकी योजना मिलने के बाद आगे बढ़ने की उम्मीद है।
पानी लेने से पहले होगी फिजिबिलिटी रिपोर्ट
औद्योगिक इकाइयों को उपचारित पानी उपलब्ध कराने से पहले इसकी व्यवहारिकता की जांच भी की जाएगी। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें पानी की गुणवत्ता, उपलब्धता, पाइपलाइन व्यवस्था और उद्योगों की जरूरत सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जाएगा।
नदियों में प्रदूषण रोकने की दिशा में कदम
दरअसल, शहरों से निकलने वाले बिना उपचारित सीवेज के कारण नदियों और जलस्रोतों के प्रदूषित होने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने नगरीय निकायों को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत गंदे पानी को सीधे जलस्रोतों में जाने से रोकने और उसका उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
उपचारित पानी के दोबारा उपयोग पर जोर
शहर के सीवेज का उपचार करने के बाद उसे उद्योगों में उपयोग किए जाने की योजना को जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे एक ओर नदियों में प्रदूषित पानी के प्रवाह को कम करने में मदद मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर उपचारित पानी का दोबारा उपयोग संभव होगा।






