छत्तीसगढ़

दहेज मांगने पर टूटा रिश्ता, जयमाला के बाद बरात लौटी वापस – सात के खिलाफ मामला दर्ज

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अंबिकापुर। समाज में दहेज निषेध कानून होने के बावजूद भी दहेज की कुप्रथा थमने का नाम नहीं ले रही है। एक ताजा मामला सरगुजा जिले के नमना कला से सामने आया है, जहां शादी के ऐन वक्त पर वर पक्ष द्वारा दहेज की मांग करने पर विवाह टूट गया। कन्या पक्ष की ओर से लाख मिन्नतों के बावजूद दूल्हा और बरात बिना विवाह किए लौट गई।

घटना आठ मई की बताई जा रही है। चिरमिरी से आई बरात का पारंपरिक स्वागत हुआ, रस्में शुरू हो चुकी थीं और जयमाला कार्यक्रम भी संपन्न हो चुका था। तभी वर पक्ष ने अचानक विवाह स्थल पर दो लाख रुपये नकद, सोने की चेन, सोने की अंगूठी और एक चारपहिया वाहन की मांग रख दी।

कन्या पक्ष ने आर्थिक असमर्थता जताते हुए विनती की, लेकिन वर पक्ष अड़ा रहा। अंततः वे विवाह स्थल छोड़कर लौट गए। जाते-जाते उन्होंने कन्या पक्ष को गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी।

घटना की सूचना मिलने के बाद कन्या पक्ष ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दूल्हा, उसकी बहनों समेत कुल सात लोगों के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खतरनाक असर को उजागर करती है, जहां रिश्ते लालच की भेंट चढ़ जाते हैं।

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