संसद में नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश होगा

केंद्र सरकार सोमवार, 11 अगस्त को संसद में नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश करने जा रही है। इससे पहले सरकार ने फरवरी 2025 में लोकसभा में पेश पुराने बिल को वापस लेकर सेलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया था। कमेटी ने सभी पक्षों से चर्चा कर अपनी 4,584 पेज की रिपोर्ट में कुल 566 सिफारिशें दी हैं, जिनमें से 285 सुझाव टैक्स सिस्टम को सरल और स्पष्ट बनाने पर केंद्रित हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बिल में डेफिनिशन को सटीक बनाने, भ्रम दूर करने और मौजूदा सिस्टम के साथ बेहतर तालमेल बैठाने पर जोर दिया गया है। समिति ने कई अहम बदलाव सुझाए हैं, जिनमें शामिल हैं—
1. लेट ITR फाइल करने पर रिफंड रोकने वाला नियम हटाना।
2. धारा 80एम (क्लॉज 148) में बदलाव, जिससे स्पेशल टैक्स रेट लेने वाली कंपनियों को इंटर-कॉर्पोरेट डिविडेंड पर डिडक्शन में राहत मिले।
3. टैक्सपेयर्स को जीरो TDS सर्टिफिकेट की अनुमति देना।
4. माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज की परिभाषा को MSME एक्ट के अनुरूप करना।
5. अडवांस रूलिंग फीस, प्रोविडेंट फंड पर TDS, लोअर टैक्स सर्टिफिकेट और पेनल्टी पावर्स पर स्पष्ट प्रावधान।
हालांकि समिति ने टैक्स रेट में बदलाव की सिफारिश नहीं की है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स रेट पर संशोधन की चर्चा जरूर रही। सरकार का दावा है कि नया बिल मौजूदा कानून को और पारदर्शी, आसान और टैक्सदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाएगा।












