संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा, मतदाता सूची विवाद पर विपक्ष अड़ा रहा

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र 2025 का मंगलवार को 12वां दिन भी विपक्ष के भारी हंगामे के कारण प्रभावित रहा। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया।
विपक्ष बिहार में जारी मतदाता सूची विवाद को लेकर पहले से ही हमलावर रुख अपनाए हुए है। सोमवार को भी इसी मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही पूरे दिन ठप रही थी। मंगलवार को भी विपक्षी दलों ने सरकार से जवाब की मांग करते हुए सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
राज्यसभा की कार्यवाही भी शांत नहीं रही। यहां सीआईएसएफ की तैनाती को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। उपसभापति के हस्तक्षेप के बावजूद स्थिति नहीं संभली और अंततः राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले दिन की शुरुआत में एनडीए संसदीय दल की अहम बैठक हुई, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ की सफलता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया। ‘हर हर महादेव’ के नारों और तालियों की गूंज के बीच प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर मिली इन उपलब्धियों के लिए बधाई दी गई। बैठक में इन ऑपरेशनों को भारत की सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक स्थिति के लिए मील का पत्थर बताया गया।
उधर, विपक्ष बिहार में कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांग रहा है। विपक्ष का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से की गई है और इससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह विरोध प्रदर्शन कर रहा है।












