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पत्रकारों को जान से मारने की धमकी देने वालों की तुरंत हो गिरफ्तारी

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अडानी कंपनी के गुर्गों द्वारा पत्रकारों से बदसलूकी की रायगढ़ प्रेस क्लब ने की निंदा

पत्रकारों के समर्थन में तमनार के आधा दर्जन गांव से आए ग्रामीण

पत्रकारों को जान से मारने की धमकी देने वालों की तुरंत हो गिरफ्तारी : प्रेस क्लब अध्यक्ष हेमंत थवाईत

दोषियों पर कार्रवाई हेतु पुलिस अधीक्षक से कल मिलेंगे पत्रकार, सीएम से भी करेंगे शिकायत

रायगढ़ 07/08/2025

कलेक्टर कार्यालय के बाहर अडानी कंपनी के गुर्गों द्वारा पत्रकारों से बदसलूकी और जान से मारने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इसी कलेक्टोरेट में कल जहां कुछ फर्जी ग्रामीण जो अडानी कंपनी के एजेंट थे उन्होंने बदजुबानी की थी वहां गुरुवार को वास्तव में तमनार क्षेत्र के आधा दर्जन गांव के लोग पत्रकारों से मिलने आए और अपना समर्थन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर हजारों ग्रामीण पत्रकार हित में धरने में बैठे सकते हैं।

वहीं थोड़ी देर बाद रायगढ़ प्रेस क्लब ने केलो प्रवाह कार्यालय में क्लब की आपातकाल बैठक बुलाई गई। बैठक में बुधवार को अडानी कंपनी के गुर्गों द्वारा पत्रकारों को गुंडा और जान से मारने की धमकी देने पर घोर असंतोष जताते हुए निंदा प्रकट किया गया। सभी पत्रकारों ने एक स्वर में अडानी कंपनी के गुर्गों के त्वरित गिरफ्तारी और वहां कंपनी के मौजूद कर्मचारियों की नौकरी से बर्खास्तगी की मांग की। प्रेस क्लब अध्यक्ष हेमंत थवाईत ने पत्रकारों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करने के लिए शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों से साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी चाहे वह जो भी हो, सनद रहे हम रायगढ़ के सभी पत्रकार संगठित हैं और सभी अपने-अपने में सक्षम हैं।

प्रेस क्लब की बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून को त्वरित लागू करने की मांग हुई जिसके लिए सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी सप्ताह में मुख्यमंत्री के रायगढ़ प्रस्तावित दौरे में चर्चा की जाएगी। बैठक में पत्रकारों ने ही बताया कि जिला औद्योगिक नगरी बन चुका है और आए दिन गुंडागर्दी की खबरें आती रहती हैं। अब अडानी जिसका खदान भी शुरू नहीं हुआ है उसके गुर्गों ने पत्रकारों को जान से मारने की धमकी दी और आगे न जाने क्या होगा। ऐसे में जिला प्रशासन से सभी मिलकर पत्रकार सुरक्षा पर चर्चा करेंगे।

विदित हो कि दो दिन से कंपनी के एजेंट एक-एक पत्रकार को फोन कर साथ देने और खबर नहीं चलाने की बात कर रहे हैं पर संगठित पत्रकार उन्हें एकस्वर में मना कर रहे हैं और विधिवत कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कह रहे हैं।

मर्यादा में रहें अडानी के लोग : प्रेस क्लब अध्यक्ष

रायगढ़ प्रेस क्लब अध्यक्ष हेमंत थवाईत ने कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं है। कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो मर्यादा सबकी तय है। कल की घटना का वीडियो देखने और साथियों से पूछने पर पता चला कि हमारे साथी वहां अपना कार्य कर रहे थे और उसी दौरान उन्हें गुंडा कहना और जान से मारने की धमकी देना सरासर गलत है। पत्रकार साथियों ने धैर्य का परिचय देते हुए सिर्फ अपना कार्य किया जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा को बताती है। लेकिन अडानी कंपनी के गुर्गे जो ग्रामीण बनकर आए थे उनको उन्हीं के तरीकों में जबाव देते तो क्या होता। पत्रकार सक्षम हैं लेकिन वह जिम्मेदार हैं। सांस्कृतिक नगरी रायगढ़ में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी उद्योग के लोग जिलादंडाधिकारी के कार्यालय के बाहर पत्रकारों को दिनदहाड़े जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कल हम पुलिस अधीक्षक से इस पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग करेंगे।

आखिरी सांस तक लड़ेगें अडानी कंपनी से
ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार तमनार क्षेत्र में बच्चे-बच्चे को यह पता चला कि अडानी कंपनी गुंडागर्दी की किसी भी पराकाष्ठा को पार कर सकती है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को धमकाने की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई है और इससे लोगों में आक्रोश पनप गया है क्योंकि उनके लिए कंपनी से सवाल जवाब करने वाले पत्रकारों को धमकाया गया। हम 14 गांव के लोग पूरी तरह से पत्रकारों के समर्थन में है। यह जिले के पत्रकारों का बड़प्पन है कि हमारे हजारों लोगों के धरने पर बैठने के समर्थन देने के बाद भी वह पुलिस के भरोसे बैठे हैं कि वह उचित कार्रवाई करेगी। आज जिला मुख्यालय में हम पत्रकार भाईयों से मिलने पहुंचे और उन्हें यह बताया कि कल जो लोग उनसे उलझ रहे थे उन्हें गुंडा कहा और जान से मारने की धमकी दे रहे थे वे हमारे किसी के गांव से नहीं है। ये सभी अडानी कंपनी के दलाल और गुंडे है जो ग्रामीणों की आड़ में पूरे गांवों को बदनाम कर रहे हैं। किसी का घर उजड़ रहा है तो किसी का खेत और कोई कैसे इसे उजड़ने देगा। जो समर्थन में आए थे हमारा मजाक बना रहे हैं। जमीन लेने के लिए नीचता की कोई कमी अडानी कंपनी ने नहीं छोड़ी है। हम सभी गांव के लोग एक हैं और हमारे बीच फूट डालने के लिए कंपनी किसी भी हद तक जा रही है। अपने कर्मचारियों को ग्रामीण बताकर अधिकारियों से मिल रही है और खदान खोलने की जल्दबाजी कर रही है। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि अडानी कंपनी जितना जोर लगा ले हम अपनी आखिरी सांस तक अपनी जल जंगल जमीन की लड़ाई लड़ेंगे।

चरम पर है अडानी की मनमानी : राजेश त्रिपाठी
आदिवासी इलाकों और औद्योगिक प्रभावित क्षेत्रों की आवाज बन चुकी जनचेतना मंच के प्रमुख राजेश त्रिपाठी ने कहा कि अडानी की कारस्तानी ऐतिहासिक है। जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी कंपनी के प्रायोजित गुंडों ने पत्रकारों को जान से मारने की धमकी दी वह पुलिस औऱ प्रशासन की मौजूदगी में कलेक्टर चेंबर के बाहर। आश्चर्य की बात यह है कि यह सब तब हो रहा है जब अडानी का खदान शुरू नहीं हुआ है और आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब कभी इनका खदान खुला तो यह किसी भी हद तक जा सकते हैं। अडानी की मनमानी की कोई सीमा नहीं। मैं खुद प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को आज से नहीं बल्कि वर्षों से जानता हूं और कल जो पत्रकारों से बदसलूकी कर रहे थे वे खनन प्रभावित ग्राम के ग्रामीण थे ही नहीं। वे अडानी के एजेंट हैं वे कुछ भी कर सकते हैं। पुलिस प्रशासन को इस मामले में दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रेस क्लब की बैठक में ये रहे मौजूद
प्रेस क्लब की आपात बैठक में सचिव नवीन शर्मा समेत अनिल पाण्डेय, नरेश शर्मा, दिनेश मिश्रा, अनिल रतेरिया, युवराज सिंह आजाद, सुनील नामदेव, राजेश जैन, विवेक श्रीवास्तव, आलोक पाण्डेय, शेषचरण गुप्ता, हरेराम तिवारी, संजय बोहिदार, अनिल आहूजा, पुनीराम रजक, हरिशंकर गौराहा, विनय पाण्डेय, मोहसिन खान, शमशाद अहमद, अभिषेक उपाध्याय, अविनाश पाठक, अमित पाण्डेय, अखिलेश पुरोहित, अमित गुप्ता, अमित शर्मा, अरूण डनसेना, अर्चना लाल, अश्विनी मालाकार, बाबा पटवा, चितरंजन सिंह, विकास पाण्डेय, गौतम अग्रवाल, कमल शर्मा, कृष्णा मिश्रा, महेश शर्मा, मनीष भट्टाचार्य, मंजूल दीक्षित, नंदकुमार पटेल, नवरतन शर्मा, नितिन सिन्हा, भूपेंद्र सिंह ठाकुर, भूपेंद्र सिंह चौहान, हेमसागर श्रीवास, जितेंद्र मेहर, ज्योति ठाकुर, मनीष सिंह, नरेंद्र चौबे, मनीष अग्रवाल, नीरज तिवारी,पंकज तिवारी, प्रकाश थवाईत, प्रशांत तिवारी, राजा खान, रमेश अग्रवाल, साकेत पाण्डेय, संदीप बेरीवाल, संतोष साव, संतोष मेहर, संजय सहनी, सत्यजीत घोष, सुरजीत कौर, सुशील पाण्डेय, सिमरन पनगरे, सुरेंद्र चौहान, विजय मौर्या, विजयंत खेडुलकर, विपिन मिश्रा, यशवंत खेडुलकर, परमेश्वर साहू, प्रेम मौर्या, भीमसेन तिवारी, चूढामणि साहू, संदीप सिंह, संजय शर्मा, अनूप रतेरिया, संजय बेरीवाल, शेख ताजिम, श्रीपाल यादव, स्वतंत्र महंत, टिंकू देवांगन, उपेंद्र देवांगन, विकास जायसवाल, विपिन सवानी, विपिन राय, प्रवीण त्रिपाठी, रिवेश पोडवार, जीतू सोनी, अमर गुप्ता, हीरा मोटवानी, समेत कई पत्रकार मौजूद थे।

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