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चक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़ी कलाकारों की सबसे बड़ी भागीदारी, भ्रम की स्थिति पर आयोजन समिति का स्पष्टीकरण

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रायगढ़ । महाराजा चक्रधर सिंह की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह को शासन-प्रशासन लगातार राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप देने का प्रयास करता रहा है। यही कारण है कि इस मंच पर केवल रायगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर के नामचीन कलाकार भी आमंत्रित किए जाते हैं। इस परंपरा का उद्देश्य यह भी है कि स्थानीय कलाकार राष्ट्रीय कलाकारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें और राष्ट्रीय स्तर की पहचान बना सकें।

इस वर्ष समारोह में छत्तीसगढ़ी कलाकारों की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी दर्ज हुई है। कुल 79 कलाकार मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं, जिनमें 50 कलाकार छत्तीसगढ़ के हैं। यह समारोह के इतिहास में पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में प्रदेश के कलाकारों को मौका मिला है। शुरुआत में 53 प्रस्तुतियां तय थीं, लेकिन नवोदित कलाकारों के उत्साहवर्धन के लिए आयोजन समिति ने अतिरिक्त कार्यक्रम शामिल किए, जिससे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ी और अवधि भी लंबी हुई।

आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि मानदेय को लेकर उत्पन्न किसी भी भ्रम की स्थिति निराधार है। समिति ने कहा है कि किसी भी कलाकार को वही राशि माननी चाहिए, जो आयोजन समिति ने अधिकृत रूप से बताई हो। अन्य किसी माध्यम से प्राप्त जानकारी को मान्य नहीं माना जाएगा। समिति ने जोर देकर कहा कि किसी भी कलाकार के मानदेय में कटौती का प्रश्न ही नहीं उठता।

समारोह की गरिमा बनाए रखने के लिए इस बार चार पद्मश्री सहित देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार मंच पर प्रस्तुतियां देंगे। वहीं, दर्शकों की सुविधा के लिए कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राज्य स्तरीय चैनलों और यूट्यूब पर किया जा रहा है, जिसे रोजाना हजारों लोग देश-प्रदेश से लाइव देख रहे हैं।

अधिक कार्यक्रमों के चलते आयोजकों ने समय से मंचीय प्रस्तुतियां शुरू करने का निर्णय लिया है ताकि प्रतिदिन कार्यक्रम निर्धारित समय पर समाप्त हो सके। प्रशासन ने कहा है कि वह स्थानीय कलाकारों को मंच देने के लिए हमेशा संवेदनशील रहा है और आगे भी यह परंपरा कायम रहेगी।

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