चक्रधर समारोह: शास्त्रीय नृत्य की मोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, कबड्डी में 21 टीमें उतरीं मैदान में

रायगढ़। चक्रधर समारोह के 40वें संस्करण का छठवां दिन सोमवार की शाम शास्त्रीय नृत्य की अद्भुत प्रस्तुतियों के नाम रहा। रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलन और राजा चक्रधर सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
कार्यक्रम में रायगढ़ घराने की शिष्या एवं युवा नृत्यांगना डॉ. योगिता मांडलिक ने त्रिताल में कथक की प्रस्तुति दी। विशेष रूप से सूरदास रचित पद “मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो” पर उनके भावाभिनय ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया। वहीं, दिल्ली की युवा नृत्यांगना आरोही मुंशी ने भरतनाट्यम शैली में महिषासुर मर्दिनी की सशक्त प्रस्तुति दी। इसमें माँ दुर्गा के शांत और रौद्र दोनों रूपों का सजीव चित्रण हुआ। आरोही पहले भी देश-विदेश के विभिन्न मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को प्रभावित कर चुकी हैं और वे अपनी मां व गुरु डॉ. लता मुंशी से भरतनाट्यम की शिक्षा ले रही हैं।
खेलों में युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा
इधर, चक्रधर समारोह के अंतर्गत मोतीमहल परिसर में तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। इसमें कुल 21 टीमें भाग ले रही हैं।
बालक वर्ग में 12 टीमें शामिल हैं – रायगढ़, चक्रधर क्लब, घरघोड़ा, खरसिया, बरमकेला, धरमजयगढ़, पुसौर, जिंदल, नगर निगम रायगढ़, तमनार, सारंगढ़ और लैलूंगा।
बालिका वर्ग में 9 टीमें मैदान में उतरी हैं – रायगढ़, जिंदल फाउंडेशन रायगढ़, खरसिया, पुसौर, अडानी फाउंडेशन, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, लैलूंगा और जिंदल फाउंडेशन तमनार।
कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों और खिलाड़ियों के जोश ने सोमवार का दिन चक्रधर समारोह को खास बना दिया।












