कुड़मी समाज के आंदोलन से ट्रेन सेवाएँ प्रभावित, रायगढ़ स्टेशन पर फंसे यात्री

रायगढ़, 21 सितंबर 2025/ झारखंड के चक्रधरपुर में आदिवासी कुड़मी (कुर्मी) समाज द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग को लेकर शनिवार को रेल रोको आंदोलन किया गया। आंदोलन का असर टाटानगर-राउरकेला रेल रूट पर बुरी तरह पड़ा, जिसका सीधा प्रभाव रायगढ़ रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी दिखा।
सुबह 8 बजे के बाद से चलने वाली कई ट्रेनों को बीच रास्ते में रोक दिया गया, जबकि कुछ ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा। ओडिशा की ओर जाने वाली कुछ गाड़ियों को कटक रूट से डायवर्ट किया गया, वहीं अधिकांश ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 8 से 12 घंटे तक विलंब से चलीं।
ट्रेनों का संचालन घंटों ठप
अप दिशा की ओर जाने वाली गाड़ियाँ राउरकेला से पहले ही रोक दी गईं, जबकि डाउन दिशा की गाड़ियाँ रायगढ़, खरसिया और चांपा जैसे बड़े स्टेशनों पर घंटों खड़ी रहीं। देर शाम तक ट्रेनों की रफ्तार सामान्य नहीं हो पाई। इस कारण रायगढ़ स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों यात्री फँस गए और घंटों तक इंतजार करने को मजबूर रहे।
स्टेशनों पर रोकी गई प्रमुख ट्रेनें
आंदोलन के दौरान कई महत्वपूर्ण गाड़ियाँ प्रभावित हुईं:
- लोकमान्य तिलक टर्मिनल–गया एक्सप्रेस को रायगढ़ स्टेशन में रोका गया।
- दुर्ग–आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस को खरसिया स्टेशन में रोक दिया गया।
- नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी–टाटानगर एक्सप्रेस सक्ती स्टेशन में खड़ी रही।
शनिवार को चक्रधरपुर में हुए विरोध के बाद रायगढ़ में गया–एलटीटी सुपरफास्ट करीब 3 घंटे तक रुकी रही। इसी तरह साउथ बिहार एक्सप्रेस खरसिया में और इतवारी-टाटा एक्सप्रेस सक्ती स्टेशन में सिग्नल मिलने का इंतजार करती रही।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यात्री सुबह 10 बजे से देर रात तक ट्रेन का इंतजार करते रहे। कई यात्री पूछताछ केंद्र पहुँचे, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें सिर्फ इतना ही बताया कि “ट्रेन कब आएगी, इसकी जानकारी नहीं है।”
रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर यात्रियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क लगाया था, जहाँ आंदोलन और ट्रेनों की जानकारी दी जा रही थी। इसके बावजूद, लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई ने ट्रेन रद्द होने की वजह से अपनी यात्रा स्थगित कर दी।
कुड़मी समाज का धरना
जानकारी के अनुसार, कुड़मी समाज के सदस्यों ने चक्रधरपुर में रेलवे ट्रैक पर धरना दिया, जिसके कारण दक्षिण पूर्व रेलवे की कई ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ। आंदोलन के चलते टाटानगर-राउरकेला रूट पर पूरी दिनचर्या प्रभावित रही।






