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अंबुजा सीमेंट कोल ब्लॉक परियोजना के विरोध में रायगढ़ में उबाल, कलेक्टर कार्यालय के बाहर ग्रामीणों का रातभर प्रदर्शन

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रायगढ़। अडानी समूह की अंबुजा सीमेंट कोल ब्लॉक परियोजना को लेकर रायगढ़ में विरोध तेज होता जा रहा है। धर्मजयगढ़ क्षेत्र के पुरुंगा, समरसिंघा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण गुरुवार सुबह से कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए हैं, और 24 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रदर्शन जारी है।

कड़ाके की ठंड के बावजूद महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी रातभर खुले आसमान के नीचे जमे रहे। कई ग्रामीणों ने सड़क पर ही कंबल ओढ़कर रात बिताई। सभी का कहना है कि वे अपनी जमीन, जंगल और जलस्रोत को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।


जनसुनवाई रद्द करने की मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं ग्रामीण

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि 11 नवंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को प्रशासन तत्काल रद्द करे
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है:

“जब तक लिखित आदेश नहीं मिलेगा, हम यहां से नहीं हटेंगे।”

धरना स्थल पर लगातार नारे गूंज रहे हैं –
“जमीन हमारी – फैसला हमारा”
“जनसुनवाई रद्द करो”


राजनीतिक समर्थन भी मिला

यह विरोध प्रदर्शन राज्य में चर्चा का केंद्र बन गया है।
खरसिया विधायक उमेश पटेल और धर्मजयगढ़ विधायक लालजीत राठिया भी रातभर ग्रामीणों के साथ रहे और आंदोलन को समर्थन दिया।


ग्रामीणों की चिंता: पर्यावरण और आजीविका पर असर

ग्रामीणों का कहना है कि कोल ब्लॉक परियोजना से –

  • जंगलों का विनाश होगा
  • जलस्रोत प्रभावित होंगे
  • किसानों और आदिवासी समुदाय की आजीविका पर संकट आ जाएगा

इसी कारण वे जनसुनवाई को किसी भी हाल में आयोजित नहीं होने देना चाहते।


स्थिति अभी भी तनावपूर्ण

24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन प्रदर्शन स्थगित होने के संकेत नहीं हैं।
प्रशासन ने अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, और इसी बीच धरना स्थल पर भीड़ और समर्थन लगातार बढ़ रहा है।

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