छत्तीसगढ़ में निवेश की नई उड़ान: 22 माह में 7.5 लाख करोड़ के प्रस्ताव, गुजरात दौरे में मिले 33 हजार करोड़ के निवेश

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार को पिछले 22 महीनों में कुल 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से सबसे अधिक ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये और इस्पात (स्टील) क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।
मुख्यमंत्री साय अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान उद्यमियों का विश्वास जीतने में सफल रहे। अहमदाबाद में आयोजित “छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर्स कनेक्ट सम्मेलन” में मात्र एक बैठक में ही 33 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन परियोजनाओं से 10,532 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने केवडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य के पैवेलियन का दौरा किया। इस दौरान कई प्रमुख उद्योग समूहों ने राज्य में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की।
प्रमुख निवेश प्रस्ताव:
- टोरेंट समूह ने 1600 मेगावाट के थर्मल प्लांट के लिए 22,900 करोड़ रुपये और फार्मा सेक्टर में 200 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया।
- जेड ब्लू, निरमा और वेलस्पन समूह के उद्यमियों ने भी स्टील, माइंस, सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश रुचि दिखाई।
- जेड ब्लू के जितेंद्र चौहान ने रायपुर में 90 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क और 30 एकड़ में गारमेंट पार्क स्थापित करने की इच्छा जताई।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार ने 22 माह के शासन में 350 सुधारात्मक कदम उठाए हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। रायपुर को आईटी और एआई डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर की कई कंपनियों ने भी निवेश में रुचि जताई है।
साय ने घोषणा की कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रयासों से देश नक्सल समस्या से मुक्ति की ओर अग्रसर है। राज्य में लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, जिन्हें सरकार घर, जमीन, रोजगार और कौशल प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा से जोड़ रही है।
राज्य के 327 गांवों को पुनर्वासित कर उन्हें 10 किलोमीटर के दायरे में विशेष सुरक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और निवेश का नया केंद्र बन रहा है।












