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2025 में शारदीय नवरात्रि का आरंभ: 22 सितंबर को मां शैलपुत्री की पूजा

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रायपुर, 21 सितंबर 2025।
वर्ष 2025 में 22 सितंबर को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन सबसे पहले घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी, जिसके बाद मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर उनका आह्वान किया जाएगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा और व्रत किया जाता है। नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर को देवी शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। देवी शैलपुत्री को मां पार्वती का रूप माना जाता है। देश के कई राज्यों में उन्हें देवी सती, देवी हेमवती और देवी वृषारूढ़ा के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि देवी शैलपुत्री ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।

पूजा मुहूर्त और विधि:
माना जाता है कि नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से मां शैलपुत्री की कृपा अधिक मिलती है। इस दिन पूजा के दौरान मंत्र, आरती, प्रिय फूल, रंग और भोग का विशेष ध्यान रखा जाता है। श्रद्धालु इस दिन माता की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर, सिद्ध मंत्र का जाप कर उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

पूजा में विशेष रूप से संतुलित और सरल भोग चढ़ाया जाता है और लाल रंग की वस्तुएं व फूल मां शैलपुत्री को प्रिय माने जाते हैं। माता की आराधना करने से घर में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

शारदीय नवरात्रि का यह पर्व श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें माता दुर्गा के नौ रूपों का ध्यान और पूजा-अर्चना करके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का संदेश निहित है।

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