भारत–रूस दोस्ती को नई रफ़्तार देकर लौटे पुतिन, दो दिवसीय दौरा रहा बेहद सफल—21 बड़े करार पर बनी सहमति

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। शुक्रवार रात वे भारत से रवाना हुए। प्रस्थान से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में भव्य भोज का आयोजन किया, जिसमें भारत–रूस संबंधों की मजबूती और भविष्य की साझेदारी की झलक साफ़ दिखाई दी।
मोदी ने तोड़ा प्रोटोकॉल, एयरपोर्ट पर खुद पहुंचे स्वागत को
गुरुवार शाम करीब 7 बजे जब पुतिन का विमान दिल्ली पहुंचा, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद एयरपोर्ट पर मौजूद थे। यह दृश्य भारत–रूस की गहरी मित्रता का प्रतीक बना। पुतिन ने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए पीएम मोदी का विशेष रूप से आभार जताया।
विदा करने पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर
दौरा समाप्त होने पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पुतिन को एयरपोर्ट पर विदा किया। उच्चस्तरीय सम्मान और व्यस्त कार्यक्रमों के बीच यह दौरा भारत–रूस संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
21 अहम करार—ऊर्जा से लेकर टेक्सटाइल तक सहयोग का नया विस्तार
पुतिन के दौरे के दौरान दोनों देशों ने एनर्जी, मोबिलिटी, शिपिंग, फूड, फर्टिलाइज़र, कॉमर्स, मीडिया और टेक्सटाइल सहित कई सेक्टर्स में 21 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
भारत और रूस ने अगले 5 साल में द्विपक्षीय व्यापार को 70 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पुतिन की जमकर तारीफ़—“25 सालों में भारत–रूस रिश्ते और मजबूत हुए” : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में पुतिन ने भारत–रूस संबंधों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और इसका असर आज विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग में साफ दिखाई देता है। ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, रक्षा, तकनीक और वैकल्पिक परिवहन मार्गों पर चर्चाओं ने इस दौरे को और भी ऐतिहासिक बनाया।












