
(पत्रकार गोविन्द शर्मा की रिपोर्ट)
सिंहघोष/बिलासपुर:-31.03.23. बिलासपुर जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है नेताओ को जनता की समस्या दिखाई देने लगी और उनकी समस्या को लेकर आंदोलन से लेकर धरना प्रदर्शन भी अब शहर में जगह जगह देखा जा सकता है कोई धरना दे रहा है कोई रैली निकाल कर कलेक्टर से शिकायत कर रहा है।
मामला कुछ ऐसा है चुनावी वर्ष शुरू हो गया है तो जनता की समस्या हैं अब वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक मंत्री की जिम्मेदारी बन गई है लेकिन इस बार पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने जो मामला या मुद्दा उठाया हैं वो जायज है शहर में सिटी बस का ,सिटी बस करोंना के आने की दस्तक के साथ ही बंद हो गई थी अब जब सब कुछ सामान्य हो गया हैं जो जनता को।मिलने वाली सुविधा को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर धरना शुरू किया उसी धरने में पूर्व मंत्री ने आटो वालो को लेकर ज्यादा पैसे लेकर सवारी को हो रही परेशानी की समस्या गिनाते हुए सिटी बस चलने से जनता को मिलेगी राहत कहा और ये सही भी है की सिटी बस चलेगी तो जनता को ही राहत मिलेगी और आटो वालो की मनमानी भी खत्म होगी क्योंकि शासन द्वारा निर्धारित दर पर ये आटो वाले किसी भी सवारी को अपनी सेवा नही देते।है जिसके कारण सवारी को मजबूरी में इन्हे ज्यादा पैसा देकर जाना पड़ता है ,सिटी बस चलने से कुछ तो राहत मिलेगी।
विधायक शैलेश ने आटो संघ का साथ दिया और कलेक्टर से शिकायत करने पहुंच गए :-
बिलासपुर विधायक भी इस समय अपनी सीट बचाने के चक्कर में कुछ ज्यादा ही सक्रियता दिखा रहे हैं क्योंकि पिछले चार साल में ऐसा कुछ नही किया जो आमजन को दिखे सिवाय मेल मुलाकात के शहर के समस्या आज भी जस की तस बनी हुई और रही सही कसर विधायक जी ने बिना समझे आटो चालक संघ का।समर्थन करते हुए पूर्व मंत्री का विरोध एवम शिकायत करने संघ के साथ कलेक्टर पैदल ही निकल लिए जबकि सच्चाई तो यही है कि आटो वाले शासन दर पर सवारी को सेवा देते ही नही जिसका सही हल यही था की विधायक शैलेश को सिटी बस चलवाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जबकि करोना जैसी बीमारी से शहर को निजात मिले एक वर्ष से ऊपर हो गया है ।
अंतिम एक और सच्चाई अब जनता की समस्या नेताओ को दिखने लगी हैं वो सत्ता पक्ष हो या विपक्ष समस्या हल होती हैं कि नही ये तो वक्त ही बताएगा।












