अपराध समीक्षा बैठक:-जिले में क्राईम कन्ट्रोल के साथ स्मार्ट पुलिसिंग पर कार्य हो -संतोष कुमार सिंह

15 अगस्त तक थाने के सभी कार्य ऑन लाइन करने का प्रयास करें ।कोरोना काल में कार्य करना बड़ी चुनौती, अपना शत प्रतिशत देकर कार्यों में प्रगति लायें !!!

सिंहघोष/रायगढ़-आज दिनांक 24.07.2020 को पुलिस कन्ट्रोल रूम रायगढ़ में आयोजित क्राइम मीटिंग में पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा जिले के सभी थाना में लंबित मामलों की समीक्षा की गई। उन्होंने सम्बंधित थानाध्यक्षों को जल्द से जल्द विवेचना कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उनके द्वारा विशेष रूप से मीटिंग में उपस्थित राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को अपने अधिनस्थ पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनने एवं निस्तारण करने को कहा गया। क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी संतोष कुमार ने कहा कि कोरोना काल में कार्य करना सभी विभागों एवं संस्थानों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। वर्तमान में स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग से लोगों की अपेक्षाएं ज्यादा है। आम नागरिकों की सुरक्षा और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण निष्ठा से कार्य करें। लोग प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें इसके लिये पुलिस को जो शक्तियां प्राप्त है उनका प्रयोग करें परन्तु पब्लिक के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध होने चाहिए। उपस्थित अधिकारियों को बोले कि हर हाल में जिले में क्राइम कंट्रोल होना चाहिए। जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर अहम बिंदुओं पर चर्चा की गयी। उन्होंने कहा कि चोरी-नकबजनी, लूट के अपराधों में अल्पवृद्धि देखी जा रही है, सम्पत्ति संबंधी अपराधों में शामिल अपराधियों को चिन्हित एवं आसूचना का मजबूत करने पर कार्य करें। ई-पास की जानकारी अपडेट रखें, सभी पुराने मामलों में चालान तैयार कर लिया जावें। क्षेत्र के गुण्डा बदमाशों की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल अपराध दर्ज करने के साथ प्रतिबंधक कार्यवाही किया जाये। थाना प्रभारी अपने स्टाफ पर नियंत्रण रखें, आमजन, जन प्रतिनिधि, महिलाएं-बुजुर्ग से दुर्व्यवहार की शिकायतें बर्दास्त नहीं की जावेगी। महिला अपराध की शिकायतों का निराकरण थाना/चौकी स्तर पर किया जाये। शिकायतकर्ता/पीडित को अनावश्यक भटकना न पड़े। थाने में आने वाला व्यक्ति थाने से संटुष्ट होकर वापस जाये। उन्होंने क्राईम मीटिंग की शुरूवात में जिले की पुलिस को नई तकनीकों के साथ कार्य करने को कहा गया। मीटिंग में सभी थाना/चौकी प्रभारियों को 15 अगस्त तक थाने के सभी कार्य कम्प्युटर के माध्यम से किये जाने कहा गया है। जुआ-सट्टा,अवैध शराब,मादक पदार्थों के बिक्री पर प्रभावी कार्यवाही के साथ नशाखोरी के खिलाफ वृहद अभियान चलाने को कहा गया। थानाध्यक्षों को पुराने मामलों के निष्पादन एवं अधिक से अधिक गुम इंशानों की जांच का टास्क दिया गया है। एसपी क्राइम मीटिंग में ए.एस.पी. अभिषेक वर्मा,ए.एस.पी.(ट्राफिक) आर.के.मिंज,समेत तमाम राजपत्रित अधिकारी व थाना/चौकी प्रभारी मौजूद थे।






