छत्तीसगढ़
“दुर्ग का अफीम घोटाला: BJP नेता के फार्महाउस में पकड़ी गई खेती, CM साय बोले – कोई बक्शा नहीं जाएगा”


Durg Opium Farming Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के फार्महाउस में अफीम की खेती मिलने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही अपराधों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और इस मामले में भी जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अगर जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में सामने आया कि समोदा गांव स्थित फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने यहां से 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे जब्त किए हैं। इन पौधों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7 करोड़ 88 लाख रुपए बताई जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार (58), विकास विश्नोई (27), मनीष ठाकुर और अचला राम जाट (28) को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फार्महाउस में राजस्थान के मजदूर काम कर रहे थे। वहीं फार्महाउस की सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। रायपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर एक भाजपा नेता अपनी निजी जमीन पर अफीम की खेती कर रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशे के कारोबार को संरक्षण दिया जा रहा है और यह पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं को बर्बाद करने की साजिश है। कांग्रेस ने इस मामले में गृहमंत्री विजय शर्मा को बर्खास्त करने की मांग भी की है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में मुख्य आरोपी का नाम पीछे रखने से लीपापोती की आशंका पैदा होती है।
भूपेश बघेल ने कहा कि यह मामला होली से ठीक पहले सामने आया है और इससे यह साफ होता है कि प्रदेश में सिर्फ नशे का व्यापार ही नहीं बल्कि अब अफीम की खेती भी की जा रही है।
पूरे मामले की जांच पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फार्महाउस में अफीम की खेती कब से की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। अगर जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल दुर्ग का यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसकी जांच से कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
दुर्ग में भाजपा नेता के फार्महाउस में अफीम की खेती मिलने पर सियासत तेज, CM साय ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा।