बस्तर में धान खरीदी का विवाद: 44 हजार किसान अपने धान बेचने से वंचित, विधानसभा में कांग्रेस का वॉकआउट

बस्तर के दूरस्थ अंचलों में किसानों का हक अधूरा: विपक्ष ने उठाए सवाल, मंत्री संतोषजनक जवाब देने में फेल
रायपुर – छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बस्तर के दूरस्थ अंचलों में किसानों का धान नहीं खरीदा जाना मुद्दा गरमाया। कांग्रेस विधायकों ने विभागीय मंत्री से जवाब तलब किया, लेकिन सहकारिता मंत्री संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। इसके विरोध में विपक्ष के सभी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल में कांग्रेस ने उठाया मुद्दा
आज के प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य कवासी लखमा और लखेश्वर बघेल ने बताया कि बस्तर के 44 हजार से अधिक किसान खरीदी केंद्रों पर पहुंचने के बावजूद अपने धान को नहीं बेच पाए। इसमें कई किसानों के टोकन भी कट चुके थे, लेकिन फिर भी उन्हें लाभ नहीं मिला।
मंत्री का जवाब और विवाद
खाद्य एवं सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल ने स्वीकार किया कि कुछ किसान धान बेचने में असफल रहे हैं। मंत्री ने कहा कि ये सभी किसान ऐसे थे जो धान खरीदी केंद्र तक ही नहीं पहुंचे।
इसके बाद कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार को या तो इन किसानों का धान खरीदा जाना चाहिए, या फिर उनका कर्ज माफ किया जाना चाहिए।
मंत्री द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने पर कांग्रेस और विपक्षी विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
किसानों के लिए मांग और आगे का दबाव
विपक्ष के अनुसार, धान न बिकने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इस मुद्दे ने विधानसभा में भारी राजनीतिक गरमाहट पैदा कर दी है। विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाया है कि बस्तर के किसानों के हित में तत्काल कदम उठाए जाएं।






