छत्तीसगढ़ माओवादी मुक्त: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया आभार, “रेड कॉरिडोर से ग्रीन कॉरिडोर तक का सफर”

छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक से मुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे राष्ट्र, सुरक्षा बलों और बस्तर की जनता के सामूहिक संकल्प का परिणाम बताया। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, शहीद जवानों और बस्तरवासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
निर्णायक रणनीति और नेतृत्व से मिली सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन ने माओवादी हिंसा के खिलाफ निर्णायक अभियान को दिशा दी। वर्ष 2014 के बाद केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से इस चुनौती से निपटने के लिए सशक्त रणनीति बनाई गई।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को माओवादी उन्मूलन का प्रमुख शिल्पी बताते हुए कहा कि उनके स्पष्ट लक्ष्य और सख्त नीति ने सुरक्षा बलों को मजबूती दी और अभियान को परिणाम तक पहुंचाया।
शहीदों के बलिदान और जनता के विश्वास की बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान ने इस ऐतिहासिक सफलता की नींव रखी है।
उन्होंने बस्तर की जनता के साहस और लोकतंत्र में विश्वास को इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बताया। कठिन परिस्थितियों में भी लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर इस परिवर्तन को संभव बनाया।
“अब हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब एक नया अध्याय शुरू हो चुका है, जहां बच्चे निर्भय होकर विद्यालय जाएंगे और महिलाएं सुरक्षित वातावरण में जीवन जी सकेंगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा—“अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर है,” जो प्रदेश में शांति और विकास की नई दिशा को दर्शाता है।
पुनर्वास, विश्वास और विकास से आया बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने माओवादी हिंसा छोड़ने वालों का स्वागत किया और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने के लिए पुनर्वास और विकास की नीतियों पर काम किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सफलता केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई नहीं, बल्कि विश्वास, पुनर्वास और विकास के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जिसने छत्तीसगढ़ को एक नए युग की ओर अग्रसर किया है।






