रायगढ़ विश्वविद्यालय को मिला नया नेतृत्व: प्रोफेसर विनय चौहान ने संभाला कुलपति पद, उत्साह से गूंजा परिसर

रायगढ़ स्थित शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब नव नियुक्त कुलपति प्रोफेसर विनय चौहान ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उनके आगमन के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
जैसे ही कुलपति का वाहन परिसर में पहुंचा, ढोल-तासों की गूंज और अधिकारियों-कर्मचारियों के आत्मीय स्वागत ने यह संकेत दे दिया कि विश्वविद्यालय परिवार को अपने नए नेतृत्व से बड़ी उम्मीदें हैं।
पूजा-अर्चना और सम्मान के साथ हुआ स्वागत
कार्यभार ग्रहण करने से पहले कुलपति प्रो. विनय चौहान ने विधिवत हवन-पूजन किया और शहीद नंदकुमार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया।
इसके बाद उन्हें पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और सम्मान के साथ औपचारिक स्वागत दिया गया। विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और राजगीत- कुलगीत के गायन के साथ हुई।
“नए आयाम स्थापित करेगा विश्वविद्यालय”
स्वागत उद्बोधन में कुलसचिव डॉ. तरुण धर दीवान ने कहा कि प्रो. चौहान का व्यक्तित्व विद्वता, अनुशासन और पारदर्शिता का अद्वितीय संगम है।
उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करेगा।
कुलपति का पहला संदेश: गुणवत्ता, नवाचार और पारदर्शिता पर जोर
अपने प्रथम संबोधन में प्रोफेसर विनय चौहान ने कहा कि यह पद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज निर्माण का एक महत्वपूर्ण दायित्व है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताओं में—
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- शोध में नवाचार
- डिजिटल सशक्तिकरण
- विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियां
- पारदर्शी प्रशासन
शामिल रहेंगे।
उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ उत्कृष्टता की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
गरिमामय माहौल में कार्यक्रम संपन्न
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रवीन्द्र कौर चौबे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सुनील अग्रवाल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई अधिकारी, प्राध्यापक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने नए कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






