रायगढ़ राजस्व पखवाड़ा: गांव-गांव शिविर, मौके पर ही समाधान; कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का सख्त निर्देश

रायगढ़ जिले में राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन ने जमीनी स्तर पर पहल तेज कर दी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर चल रहे राजस्व पखवाड़ा के तहत गांव-गांव शिविर लगाकर ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।
इसी क्रम में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने ग्राम कोतरलिया में आयोजित शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया।
लंबित मामलों के शत-प्रतिशत निराकरण पर जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का नियमित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत पहुंचाना है।
शिविरों में विशेष रूप से—
नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन और व्यपवर्तन जैसे मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है।
शिविर स्थल पर ही ऑनलाइन प्रक्रिया और सुनवाई
प्रशासन द्वारा फौती नामांतरण, बंटवारा और अभिलेख त्रुटि सुधार जैसे मामलों का मौके पर ऑनलाइन पंजीयन, सुनवाई और निराकरण किया जा रहा है, जिससे लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।
अधिक से अधिक सहभागिता के निर्देश
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि हर हितग्राही को शिविर में सम्मानजनक और सहज सुविधा मिले। इसके लिए कोटवारों और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत सीईओ ने भी संभाली कमान
जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने गढ़उमरिया में आयोजित शिविर का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और समयबद्ध निराकरण पर जोर दिया।
तीन चरणों में चल रहा अभियान
राजस्व पखवाड़ा अभियान को तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है—
पहला चरण 1 से 15 अप्रैल, दूसरा 4 से 18 मई और तीसरा 1 से 15 जून 2026 तक चलेगा।
ग्रामीणों को मिल रही राहत, बढ़ा भरोसा
इस अभियान के तहत भू-अर्जन, फसल क्षति, प्रमाण पत्र, अभिलेख सुधार जैसे कई कार्य मौके पर ही किए जा रहे हैं।
राजस्व पखवाड़ा के जरिए प्रशासन की यह पहल आम जनता के लिए राहतकारी साबित हो रही है। गांव स्तर पर समस्याओं के समाधान से लोगों का भरोसा मजबूत हो रहा है और शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं।






