“निजी स्कूलों पर सख्ती: फीस बढ़ोतरी पर लगाम, किताब-यूनिफॉर्म में मनमानी पर रोक”

रायपुर | अभिभावकों को राहत देने सरकार का बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसते हुए दो बड़े फैसले लिए हैं। अब स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे और अभिभावकों को किसी खास दुकान या कंपनी से किताबें, यूनिफॉर्म या स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा।
⚖️ फीस बढ़ोतरी पर तय सीमा—8% से ज्यादा नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि Chhattisgarh Private School Fee Regulation Act 2020 के तहत निजी स्कूल सालाना अधिकतम 8% तक ही फीस बढ़ा सकते हैं।
यदि इससे अधिक बढ़ोतरी करनी हो, तो जिला फीस समिति से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
हर स्कूल में फीस समिति बनाना भी अब जरूरी कर दिया गया है।
📚 महंगी किताबों और ‘टाई-अप’ सिस्टम पर रोक
सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि—
- कक्षा 1 से 8 तक केवल NCERT किताबों से पढ़ाई होगी
- कक्षा 9 से 12 तक भी किसी खास दुकान से खरीदने का दबाव नहीं
- यूनिफॉर्म और स्टेशनरी के लिए भी ‘फिक्स दुकान’ की बाध्यता खत्म
यह कदम लंबे समय से मिल रही अभिभावकों की शिकायतों के बाद उठाया गया है, जहां महंगी किताबें और बंधी खरीद से खर्च बढ़ रहा था।
🏛️ कलेक्टर और DEO को निगरानी की जिम्मेदारी
आदेश के पालन के लिए जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
📢 सरकार का साफ संदेश—अब एक्शन मोड
सरकार ने संकेत दिया है कि यह सिर्फ एडवाइजरी नहीं, बल्कि सख्त अमल वाला आदेश है। फीस, किताब और अन्य खर्चों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।






