छत्तीसगढ़

नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली, दुर्ग में छात्र बेहोश, बालोद में स्कूल के बाहर धरना

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गर्मी और शिक्षक की कमी ने उजागर की स्कूलों की जमीनी हकीकत

छत्तीसगढ़। नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ के दो जिलों से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चिंताजनक तस्वीरें सामने आईं। एक ओर दुर्ग जिले में गर्मी के कारण एक छात्र बेहोश हो गया, तो दूसरी ओर बालोद में शिक्षक की कमी से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर धरना देकर विरोध जताया। दोनों ही मामलों में प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।


दुर्ग में प्रार्थना सभा के दौरान छात्र बेहोश

दुर्ग जिले के जेआरडी स्कूल में सोमवार 16 जून को प्रार्थना सभा के दौरान एक छात्र अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि तेज गर्मी और उमस के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई।

स्कूल प्रबंधन ने तुरंत छात्र को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। जिला शिक्षा अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और छात्र की स्थिति की जानकारी ली। फिलहाल छात्र की हालत स्थिर बताई जा रही है।


बालोद में शिक्षक की कमी पर फूटा गुस्सा, स्कूल गेट पर धरना

बालोद जिले के डौंडी विकासखंड अंतर्गत कांडे गांव में शासकीय प्राथमिक स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव के दिन ही हालात बिगड़ गए। ग्रामीणों ने देखा कि स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था, जिसके बाद बच्चों और अभिभावकों ने स्कूल के बाहर धरना शुरू कर दिया।


99 बच्चों पर सिर्फ एक शिक्षक, ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में करीब 99 बच्चों की पढ़ाई सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रही थी। लंबे समय से अतिरिक्त शिक्षक की मांग की जा रही थी, लेकिन समाधान नहीं होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी जताई गई।


अधिकारियों की समझाइश के बाद समाप्त हुआ आंदोलन

सूचना मिलने पर तहसीलदार, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। काफी देर बातचीत के बाद संगवारी शिक्षक की व्यवस्था करने पर सहमति बनी, जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।


शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इन दोनों घटनाओं ने नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ स्कूलों में गर्मी और बुनियादी सुविधाओं की कमी, तो दूसरी तरफ शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है।

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