Dial 112 सेवा पर बढ़ा दबाव: 2.52 लाख कॉल्स में सिर्फ 61 हजार असली इमरजेंसी, सिस्टम पर गैर-जरूरी कॉल्स का भारी बोझ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम Dial 112 शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में कॉल्स की संख्या ने सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया है। 20 मई से 11 जून 2026 के बीच प्रदेशभर से कुल 2,52,071 कॉल्स दर्ज की गईं, जिनमें से केवल 61,399 कॉल्स ही वास्तविक आपात स्थिति की निकलीं। इन मामलों में पुलिस, फायर और मेडिकल टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
1.90 लाख से अधिक कॉल्स निकली गैर-जरूरी
आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 1,90,672 कॉल्स ऐसी थीं जो इमरजेंसी की श्रेणी में नहीं आतीं। इनमें बिजली बंद होने की शिकायत, सामान्य जानकारी पूछना, गलत कॉल, गाली-गलौज और झूठी सूचनाएं शामिल रहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कॉल्स से न केवल सिस्टम पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम भी प्रभावित हो सकता है।
पुलिस, एंबुलेंस और फायर सेवाओं की तेज प्रतिक्रिया
इमरजेंसी कॉल्स में सबसे अधिक मामले पुलिस सहायता से जुड़े रहे। इस दौरान 42,910 मामलों में ईआरवी (Emergency Response Vehicle) मौके पर भेजी गई।
इसके अलावा—
- 28,349 मामलों में मेडिकल सहायता
- 1,973 मामलों में फायर ब्रिगेड की त्वरित मदद
- 5,579 सड़क दुर्घटनाओं पर तत्काल रिस्पॉन्स
- 3,863 महिलाओं से संबंधित शिकायतें
- 182 बच्चों से जुड़े मामले
- 573 आत्महत्या प्रयास या संबंधित घटनाएं
पर त्वरित कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने दी चेतावनी, सिर्फ इमरजेंसी में करें कॉल
Dial 112 के एसपी गोपीचंद मेश्राम ने बताया कि इस सेवा का उद्देश्य पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि टीम का फोकस रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर बनाने पर है।
हालांकि, लगातार बढ़ रही गैर-जरूरी कॉल्स सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं।
अपील: जिम्मेदारी से करें Dial 112 का उपयोग
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि Dial 112 नंबर का उपयोग केवल वास्तविक आपात परिस्थितियों में ही करें, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके और इमरजेंसी सेवाएं बाधित न हों।







