चुनाव आयोग का बड़ा अभियान: 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ मतदाताओं के सत्यापन के लिए SIR फेज-III शुरू, जारी हुआ विस्तृत शेड्यूल

भारतीय निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य मतदाता सूची से फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम हटाना और नए पात्र नागरिकों को जोड़ना है। इस चरण के पूरा होने के बाद केवल हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ही शेष रहेंगे, जहा मौसम की स्थिति और बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी।
36.73 करोड़ मतदाताओं का होगा घर-घर जाकर सत्यापन
निर्वाचन आयोग के इस तीसरे चरण में देश के एक विशाल मतदाता वर्ग को कवर किया जा रहा है। आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत कुल 36.73 करोड़ मतदाताओं के विवरण का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे, जमीनी स्तर पर व्यापक डेटा मिलान और हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा, जिससे पूरी चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और बढ़ेगी।
4 लाख बीएलओ और राजनीतिक दलों के एजेंट संभालेंगे मोर्चा
इस सघन अभियान को सफल बनाने के लिए चुनाव आयोग ने एक विशाल कार्यबल को मैदान में उतारा है। आयोग ने लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर को तैनात किया है, जो मतदाताओं के घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। आयोग ने सभी दलों से अपील की है कि वे हर मतदान केंद्र पर अपने एजेंट नियुक्त करें ताकि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और सहभागी बन सके।
इन 19 क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से शुरू होगी प्रक्रिया
तीसरे फेज के तहत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पुनरीक्षण कार्य शुरू किया गया है। इसमें ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नगालैंड और त्रिपुरा जैसे राज्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दिल्ली (NCR), चंडीगढ़, और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह अभियान चलाया जाएगा।
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए विस्तृत शेड्यूल जारी
आयोग ने इस पुनरीक्षण कार्य के लिए एक व्यवस्थित समय-सारणी तैयार की है, जिसमें दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। इस दौरान मतदाता अपने नाम में सुधार करवा सकते हैं या नए वोटर आईडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। घर-घर सर्वे के बाद प्राप्त डेटा के आधार पर सूचियों को अपडेट किया जाएगा और अंत में एक फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित किया जाएगा, जो पूरी तरह से पारदर्शी और सटीक होगा।



