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चारधाम यात्रा ने तोड़ा रिकॉर्ड: सिर्फ 25 दिनों में 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए लागू हुआ डिजिटल सिस्टम

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उत्तराखंड की चारधाम यात्रा ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड; मात्र 25 दिनों में 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन। सरकार ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए लागू किया डिजिटल सिस्टम।

उत्तराखंड की देवभूमि में इन दिनों आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है। वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा अपने आगाज के साथ ही सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। मात्र 25 दिनों के भीतर चारों पवित्र धामों- केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री- में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 12.60 लाख को पार कर गई है।

बुधवार को एक ही दिन में चारों धामों में 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेका, जो यात्रा के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस भव्य आयोजन की निगरानी कर रहे हैं ताकि हर श्रद्धालु की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।

​केदारनाथ धाम में आस्था का महाकुंभ, 5.23 लाख ने टेका मत्था
चारों धामों में केदारनाथ की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के बीच अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा शुरू होने के महज 22 दिनों के भीतर ही 5.23 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ धाम में हुए पुनर्निर्माण कार्यों ने यहाँ की दिव्यता और भव्यता को और भी निखार दिया है। अब यहाँ श्रद्धालुओं के लिए न केवल दर्शन की राह आसान हुई है, बल्कि आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

​डिजिटल मॉनिटरिंग और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी प्रणाली
बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने इस बार सुरक्षा और प्रबंधन के लिए उन्नत तकनीकों का सहारा लिया है। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हों और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए ‘स्लॉट प्रबंधन’ और ‘रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम’ को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इस प्रणाली के जरिए प्रशासन हर समय यात्रा मार्गों और मंदिर परिसरों में भीड़ की स्थिति पर नजर रख रहा है, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिल रही है।

​पैदल मार्ग में सुधार और मौसम पर कड़ी निगरानी
​श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पैदल यात्रा मार्गों को पहले से काफी बेहतर और सुदृढ़ बनाया गया है। सरकार ने सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के पल-पल बदलते मिजाज को देखते हुए एक विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है। मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में भी हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।

​समर स्पेशल ट्रेनों से तीर्थयात्रियों की राह हुई आसान
​देशभर से आने वाले तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने भी अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाने के लिए रेलवे द्वारा विशेष ‘समर स्पेशल ट्रेनें’ चलाई जा रही हैं। इनमें प्रयागराज-दादरी (02417-18), सूबेदारगंज-शक्तिपुंज (04129-30), नई दिल्ली-पलवल (64082-51) और शुकुरबस्ती-पलवल (64016-19) जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रेनें शामिल हैं, जिससे श्रद्धालुओं का सफर काफी सुलभ हो गया है।

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