नकली शराब फैक्ट्री मामले में बड़ी कार्रवाई: आबकारी विभाग ने उप निरीक्षक विजयेंद्र कुमार को किया निलंबित, जांच तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नकली शराब फैक्ट्री और रिफिलिंग का मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। आबकारी विभाग ने खैरागढ़ सर्किल के प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक विजयेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, कमजोर नियंत्रण और उदासीनता के आरोपों के आधार पर की गई है। यह यह पूरा मामला 13 मई 2026 का है।
खैरागढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर राजपूत ढाबा के पास एक मकान में छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से अवैध शराब की बॉटलिंग और रिफिलिंग करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इनमें त्रिलोक यादव और भागवत वर्मा शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि त्रिलोक यादव खैरागढ़ स्थित देशी और विदेशी शराब दुकान में चीफ सेल्समैन के रूप में कार्यरत था। जबकि, भागवत वर्मा विदेशी मदिरा दुकान में सेल्समैन के पद पर कार्यरत था।
छापेमारी में मिला नकली सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में मिलावटी शराब और नकली शराब बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री भी जब्त की थी। यह पूरा क्षेत्र आबकारी उप निरीक्षक विजयेंद्र कुमार के प्रभार में आता है। ऐसे में विभाग ने माना कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध शराब निर्माण और रिफिलिंग के धंधे पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखा गया, जिससे यह गंभीर मामला सामने आया। साथ ही विभागीय कर्मचारियों की कथित संलिप्तता पर भी सवाल उठे।
इन नियमों के तहत हुई कार्रवाई
आबकारी आयुक्त ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत उप निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अधिकारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में असफल रहे और अपने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में विफल साबित हुए। निलंबन अवधि के दौरान विजयेंद्र कुमार का मुख्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता, दुर्ग संभाग निर्धारित किया गया है।






