अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल का असर: कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 तक महंगा, पेट्रोल-डीजल कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका

कच्चे तेल की कीमत 4 साल के उच्चतम स्तर पर, भारत में महंगाई का दबाव बढ़ा
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर भारत में देखने को मिल रहा है। कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में लगभग ₹993 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर लागत का दबाव बढ़ गया है।
तेल बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें इस सप्ताह बढ़कर करीब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। हालांकि इसमें हल्की गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन कीमतें अभी भी 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।
भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता, सप्लाई चेन पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल परिवहन प्रभावित होने और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
सूत्रों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता है।
पेट्रोल-डीजल पर पहले ही बढ़ा बोझ, आगे और बढ़ोतरी की आशंका
हाल के दिनों में सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर करीब ₹8 की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद अब आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में कीमतों में और तेज वृद्धि हो सकती है।
दिल्ली में वर्तमान में पेट्रोल की कीमत करीब ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर बनी हुई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने पर कीमतों में ₹25 से ₹28 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की संभावना भी बन सकती है, हालांकि यह स्थिति पूरी तरह बाजार पर निर्भर करेगी।
ई85 ईंधन पर सरकार की तैयारी, सस्ता विकल्प बनाने की दिशा में कदम
इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए हैं कि सरकार ई85 ईंधन (85% एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) को तेजी से अपनाने की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ई85 ईंधन सामान्य पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता हो सकता है और इससे देश की ऊर्जा निर्भरता भी कम होगी। सरकार फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने और एथनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है।
किसानों के लिए नया अवसर, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि यदि ई85 ईंधन का व्यापक उपयोग होता है तो एथनॉल की मांग में भारी वृद्धि होगी, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक के रूप में भी उभरेंगे।







